📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Raybellrich
देश
रेलवे बोर्ड ने रात 11 बजे‑5 बजे सॉकेट बंद करने का आदेश दिया
✍️ Livemint
🗓 01 नव. 2026, 06:34 AM
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रेलवे बोर्ड ने चार्जिंग नियम बदलते हुए सभी ज़ोन को रात 11 बजे से 5 बजे तक सॉकेट बंद करने का निर्देश दिया, ताकि बिजली की खपत घटे और ओवरलोड से बचा जा सके।
रेलवे बोर्ड ने सोमवार को एक आदेश जारी किया, जिसमें सभी यात्रियों के कोचों में बिजली के सॉकेट को रात 11 बजे से 5 बजे तक बंद रखने का निर्देश दिया गया है। यह कदम रेलवे की कुल बिजली खपत को नियंत्रित करने और रात के समय ग्रिड पर अत्यधिक लोड से बचने के उद्देश्य से उठाया गया है।
नए चार्जिंग नियमों के तहत प्रत्येक ज़ोन को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्दिष्ट समय में सॉकेट स्वचालित रूप से बंद हो जाएँ, जबकि दिन के समय यात्रियों को आवश्यकता अनुसार बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बोर्ड ने ज़ोन कार्यालयों को दो हफ्तों के भीतर संचालन मैनुअल अपडेट करने और कर्मचारियों को नई प्रक्रिया पर प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस नीति से रात के समय बिजली की खपत में कई मेगावॉट की कमी आएगी, जिससे भारतीय रेलवे को लागत बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का लाभ मिलेगा। साथ ही, कम ट्रैफ़िक के दौरान शॉर्ट‑सर्किट जैसी सुरक्षा जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड तीन महीने बाद इस उपाय की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करेगा और अनुपालन की जाँच के लिए ऑडिट करेगा; सकारात्मक परिणाम मिलने पर बंद करने की अवधि को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।
नए चार्जिंग नियमों के तहत प्रत्येक ज़ोन को यह सुनिश्चित करना होगा कि निर्दिष्ट समय में सॉकेट स्वचालित रूप से बंद हो जाएँ, जबकि दिन के समय यात्रियों को आवश्यकता अनुसार बिजली की सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। बोर्ड ने ज़ोन कार्यालयों को दो हफ्तों के भीतर संचालन मैनुअल अपडेट करने और कर्मचारियों को नई प्रक्रिया पर प्रशिक्षित करने का निर्देश दिया है।
अधिकारियों का कहना है कि इस नीति से रात के समय बिजली की खपत में कई मेगावॉट की कमी आएगी, जिससे भारतीय रेलवे को लागत बचत और कार्बन उत्सर्जन में कमी का लाभ मिलेगा। साथ ही, कम ट्रैफ़िक के दौरान शॉर्ट‑सर्किट जैसी सुरक्षा जोखिमों को भी कम किया जा सकेगा।
रेलवे बोर्ड तीन महीने बाद इस उपाय की प्रभावशीलता का मूल्यांकन करेगा और अनुपालन की जाँच के लिए ऑडिट करेगा; सकारात्मक परिणाम मिलने पर बंद करने की अवधि को बढ़ाने पर भी विचार किया जा सकता है।