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भारतीय राजनेता जनरेशन Z की भाषा अपनाते हुए
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / IshaanMohzin
राजनीति

भारतीय राजनेता जनरेशन Z की भाषा अपनाते हुए

✍️ brut.media 🗓 20 अग. 2026, 04:38 AM 👁 38
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कई भारतीय राजनेता अब जनरेशन Z की भाषा और डिजिटल अभिव्यक्तियों को अपनाकर युवा मतदाताओं से जुड़ने की कोशिश कर रहे हैं।

कई राजनेता अब अपने भाषणों में जनरेशन Z के लोकप्रिय स्लैंग, मीम और इमोजी का प्रयोग कर रहे हैं। यह बदलाव टेलीविजन रैलियों, सोशल‑मीडिया वीडियो और चुनावी पोस्टरों में स्पष्ट दिखता है, जहाँ “लिट”, “फ्लेक्स” और “वाइब चेक” जैसे शब्द पारंपरिक राजनैतिक भाषा के साथ मिलते हैं।

विश्लेषकों का मानना है कि यह बदलाव भारत के युवा मतदाताओं के बढ़ते महत्व को दर्शाता है, जो अब मतदान में निर्णायक भूमिका निभा रहे हैं। इंस्टाग्राम, टिकटॉक और ट्विटर जैसे प्लेटफ़ॉर्म की भाषा अपनाकर नेता खुद को युवा वर्ग के करीब महसूस कराने और उनका ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं।

यह प्रवृत्ति राजनीतिक संवाद में एक व्यापक परिवर्तन को भी उजागर करती है, जहाँ त्वरित और सांस्कृतिक रूप से प्रासंगिक संदेशों को औपचारिक भाषणों पर प्राथमिकता दी जा रही है। विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि इस शैली के अपनाने से सहभागिता बढ़ सकती है, पर साथ ही नीति‑वार्ता की गहराई में कमी आ सकती है।
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