📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nejib Ahmed
विज्ञान
असम के ओरंग नेशनल पार्क में पहली बार भारतीय मोर की रिकॉर्डिंग
✍️ Northeast Today
🗓 28 सित. 2026, 04:33 PM
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शोधकर्ताओं ने ओरंग नेशनल पार्क में भारतीय मोर को दर्ज किया, जो इस अभयारण्य में पहली बार पुष्टि हुई है।
असम वन विभाग की वन्यजीव निगरानी टीम ने ओरंग नेशनल पार्क के भीतर भारतीय मोर (Pavo cristatus) की पहली पुष्टि की गई उपस्थिति दर्ज की है। यह रिकॉर्डिंग इस महीने की नियमित जैव विविधता सर्वेक्षण के दौरान प्राप्त हुई और राज्य के वन्यजीव डेटाबेस में दर्ज कर दी गई है।
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर तट पर स्थित ओरंग नेशनल पार्क अपने संकटग्रस्त सफेद‑पीठ वाले गिद्ध और गंगाबंधु डॉल्फिन के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय पक्षी मोर की इस उपस्थिति से पार्क की पक्षी विविधता में नया आयाम जुड़ता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि घास‑भरे मैदान और जलस्थल का मिश्रण जमीनी पक्षियों के लिये अनुकूल है।
संरक्षण विशेषज्ञ इस रिकॉर्ड को आवास स्वास्थ्य का सकारात्मक संकेत मानते हैं, क्योंकि भारतीय मोर को पर्याप्त भोजन और कम मानवीय हस्तक्षेप वाले क्षेत्रों में पनपना पसंद है। वन विभाग भविष्य में इस प्रजाति को निगरानी प्रोटोकॉल में शामिल कर जनसंख्या प्रवृत्तियों को ट्रैक करने की योजना बना रहा है।
यह खोज नॉर्थईस्ट टुडे ने पहली बार प्रकाशित की, जिसमें पूर्वोत्तर के संरक्षित क्षेत्रों में मोर के विस्तार की महत्ता को उजागर किया गया है।
ब्रह्मपुत्र नदी के उत्तर तट पर स्थित ओरंग नेशनल पार्क अपने संकटग्रस्त सफेद‑पीठ वाले गिद्ध और गंगाबंधु डॉल्फिन के लिए प्रसिद्ध है। राष्ट्रीय पक्षी मोर की इस उपस्थिति से पार्क की पक्षी विविधता में नया आयाम जुड़ता है, जिससे यह संकेत मिलता है कि घास‑भरे मैदान और जलस्थल का मिश्रण जमीनी पक्षियों के लिये अनुकूल है।
संरक्षण विशेषज्ञ इस रिकॉर्ड को आवास स्वास्थ्य का सकारात्मक संकेत मानते हैं, क्योंकि भारतीय मोर को पर्याप्त भोजन और कम मानवीय हस्तक्षेप वाले क्षेत्रों में पनपना पसंद है। वन विभाग भविष्य में इस प्रजाति को निगरानी प्रोटोकॉल में शामिल कर जनसंख्या प्रवृत्तियों को ट्रैक करने की योजना बना रहा है।
यह खोज नॉर्थईस्ट टुडे ने पहली बार प्रकाशित की, जिसमें पूर्वोत्तर के संरक्षित क्षेत्रों में मोर के विस्तार की महत्ता को उजागर किया गया है।