📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Central India Outreach
कृषि
भारतीय मंत्री ने सिक्किम में 57 डेयरी सहकारी समितियों की शुरुआत की घोषणा की
✍️ Dairynews.today
🗓 02 नव. 2026, 04:02 PM
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कृषि मंत्री ने सिक्किम में 57 डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की योजना का अनावरण किया, जिसका उद्देश्य स्थानीय डेयरी उत्पादन और किसान आय बढ़ाना है।
कृषि मंत्री ने आज सिक्किम में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में 57 डेयरी सहकारी समितियों की स्थापना की योजना का अनावरण किया। यह पहल केंद्रीय सरकार के डेयरी क्षेत्र को आधुनिक बनाने और किसानों को बेहतर बाजार पहुँच और उच्च आय देने के प्रयास का हिस्सा है।
इस योजना के तहत प्रत्येक सहकारी को प्रारंभिक वित्तपोषण, तकनीकी प्रशिक्षण और ठंडा भंडारण व प्रसंस्करण सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। सरकार का अनुमान है कि यह परियोजना अगले पाँच वर्षों में दूध उत्पादन को 30% तक बढ़ा सकती है और हजारों नौकरियाँ पैदा कर सकती है।
सिक्किम के डेयरी किसान पारंपरिक रूप से बुनियादी ढाँचे की कमी और कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करते रहे हैं। सहकारी समितियों के गठन से आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और किसानों को सीधे खरीदारों के साथ बेहतर कीमतों पर बातचीत करने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने परियोजना में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जिसमें दूध संग्रह और वास्तविक‑समय मूल्य निगरानी के लिए मोबाइल ऐप्स का उपयोग शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि सहकारी समितियाँ राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड से जुड़ी होंगी ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता, डेयरी किसान और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिससे इस पहल के प्रति सभी हितधारकों का मजबूत समर्थन स्पष्ट हुआ।
इस योजना के तहत प्रत्येक सहकारी को प्रारंभिक वित्तपोषण, तकनीकी प्रशिक्षण और ठंडा भंडारण व प्रसंस्करण सुविधाएँ प्रदान की जाएँगी। सरकार का अनुमान है कि यह परियोजना अगले पाँच वर्षों में दूध उत्पादन को 30% तक बढ़ा सकती है और हजारों नौकरियाँ पैदा कर सकती है।
सिक्किम के डेयरी किसान पारंपरिक रूप से बुनियादी ढाँचे की कमी और कीमतों में उतार-चढ़ाव जैसी चुनौतियों का सामना करते रहे हैं। सहकारी समितियों के गठन से आपूर्ति श्रृंखला को सुव्यवस्थित करने, उत्पाद गुणवत्ता में सुधार और किसानों को सीधे खरीदारों के साथ बेहतर कीमतों पर बातचीत करने में मदद मिलेगी।
मंत्री ने परियोजना में प्रौद्योगिकी की भूमिका पर भी प्रकाश डाला, जिसमें दूध संग्रह और वास्तविक‑समय मूल्य निगरानी के लिए मोबाइल ऐप्स का उपयोग शामिल है। अधिकारियों ने कहा कि सहकारी समितियाँ राष्ट्रीय डेयरी बोर्ड से जुड़ी होंगी ताकि गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सके।
इस कार्यक्रम में स्थानीय नेता, डेयरी किसान और राष्ट्रीय डेयरी विकास बोर्ड के प्रतिनिधि भी उपस्थित थे, जिससे इस पहल के प्रति सभी हितधारकों का मजबूत समर्थन स्पष्ट हुआ।