📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Surveyor General of India
रक्षा
भारतीय सेना और असम राइफल्स ने कामजोंग रोड पर 27 आईईडी निष्क्रिय किए
✍️ The Times of India
🗓 10 अक्टू. 2026, 12:37 AM
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भारतीय सेना और असम राइफल्स ने कामजोंग, मणिपुर में सड़क पर रखे 27 आईईडी को निष्क्रिय किया, जो चल रहे काउंटर‑इंसर्जेंसी कार्य का हिस्सा है।
भारतीय सेना ने असम राइफल्स के साथ मिलकर मणिपुर के कामजोंग जिले में एक प्रमुख सड़क की जाँच की, जहाँ 27 विस्फोटक उपकरण (आईईडी) पाए गए और निष्क्रिय किए गए। यह कार्रवाई क्षेत्र में चल रहे काउंटर‑इंसर्जेंसी अभियान के हिस्से के रूप में की गई, जिसका उद्देश्य नागरिकों और सुरक्षा बलों दोनों के लिए आवश्यक मार्ग को सुरक्षित बनाना था।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये आईईडी नियमित गश्त के दौरान खोजे गए और दोनों संगठनों की बम विस्फोटक इकाइयों द्वारा सुरक्षित रूप से विस्फोटित किए गए। इस दौरान कोई सैनिक या स्थानीय नागरिक घायल नहीं हुआ।
सड़क को साफ़ करने से नागरिक यातायात और सुरक्षा लॉजिस्टिक्स दोनों की गति में सुधार की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में वर्षों से चल रहे हमले के खतरे में कमी आएगी। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया है।
यह सफलता उत्तरपूर्व के उग्रवादी‑प्रभावित क्षेत्रों में विस्फोटक खतरों को समाप्त करने के लिए भारतीय रक्षा बलों की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे कामजोंग जैसे दूरस्थ जिलों में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
सुरक्षा अधिकारियों के अनुसार, ये आईईडी नियमित गश्त के दौरान खोजे गए और दोनों संगठनों की बम विस्फोटक इकाइयों द्वारा सुरक्षित रूप से विस्फोटित किए गए। इस दौरान कोई सैनिक या स्थानीय नागरिक घायल नहीं हुआ।
सड़क को साफ़ करने से नागरिक यातायात और सुरक्षा लॉजिस्टिक्स दोनों की गति में सुधार की उम्मीद है, जिससे इस क्षेत्र में वर्षों से चल रहे हमले के खतरे में कमी आएगी। स्थानीय प्रशासन ने निवासियों से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना देने का आग्रह किया है।
यह सफलता उत्तरपूर्व के उग्रवादी‑प्रभावित क्षेत्रों में विस्फोटक खतरों को समाप्त करने के लिए भारतीय रक्षा बलों की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिससे कामजोंग जैसे दूरस्थ जिलों में स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।