📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Social Justice and Empowerment
बिज़नेस
भारत‑यूके व्यापार समझौते से हरियाणा के उद्योगों को मिला ड्यूटी‑फ्री प्रवेश
✍️ The Policy Edge
🗓 20 अग. 2026, 10:04 AM
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नए भारत‑यूके व्यापार समझौते से हरियाणा के प्रमुख उद्योगों को यूके में ड्यूटी‑फ्री निर्यात का अवसर मिला है।
भारत‑यूनाइटेड किंगडम व्यापार समझौते में हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों के उत्पादों पर यूके में आयात शुल्क हटाने का प्रावधान शामिल है। इस कदम से हरियाणा के निर्माताओं को ब्रिटिश बाजार में प्रतिस्पर्धात्मक लाभ मिलेगा।
शुल्क मुक्त होने से निर्यात लागत में कमी आएगी, जिससे राज्य के उद्योगों का निर्यात बढ़ेगा और नई निवेश संभावनाएँ उत्पन्न होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमोबाइल घटक, वस्त्र और कृषि‑प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिल सकता है, हालांकि समझौते में विशिष्ट वस्तुओं का उल्लेख नहीं है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि कस्टम प्रक्रियाओं के समन्वय के बाद यह ड्यूटी‑फ्री स्थिति लागू होगी। राज्य के अधिकारियों को उम्मीद है कि निर्यातकों के अनुकूलन के साथ यूके‑मंज़िल शिपमेंट धीरे‑धीरे बढ़ेंगे।
यदि अनुमानित व्यापार वृद्धि साकार होती है, तो हरियाणा को विदेशी मुद्रा आय और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है, जिससे उत्तर भारत के औद्योगिक केंद्र के रूप में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।
शुल्क मुक्त होने से निर्यात लागत में कमी आएगी, जिससे राज्य के उद्योगों का निर्यात बढ़ेगा और नई निवेश संभावनाएँ उत्पन्न होंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि ऑटोमोबाइल घटक, वस्त्र और कृषि‑प्रसंस्करण जैसे क्षेत्रों को सबसे अधिक लाभ मिल सकता है, हालांकि समझौते में विशिष्ट वस्तुओं का उल्लेख नहीं है।
वाणिज्य मंत्रालय ने बताया है कि कस्टम प्रक्रियाओं के समन्वय के बाद यह ड्यूटी‑फ्री स्थिति लागू होगी। राज्य के अधिकारियों को उम्मीद है कि निर्यातकों के अनुकूलन के साथ यूके‑मंज़िल शिपमेंट धीरे‑धीरे बढ़ेंगे।
यदि अनुमानित व्यापार वृद्धि साकार होती है, तो हरियाणा को विदेशी मुद्रा आय और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय बढ़ोतरी का लाभ मिल सकता है, जिससे उत्तर भारत के औद्योगिक केंद्र के रूप में उसकी स्थिति और मजबूत होगी।