📷 चित्र स्रोत: TOI India (via NewsData)
ऑटोमोबाइल
भारत ने ई‑साइकिल और ई‑बाइक के नियम कड़े किए
✍️ TOI India
🗓 29 अग. 2026, 10:39 AM
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केंद्रीय सरकार ने सुरक्षा और मानकीकरण को बढ़ाने के लिए ई‑साइकिल और ई‑बाइक के नियम कड़े कर दिए हैं।
सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने ई‑साइकिल और ई‑बाइक के लिए मौजूदा नियामक ढाँचे को कड़ा करने वाले नए दिशा‑निर्देश जारी किए हैं। यह संशोधित नियम तेज़ी से बढ़ते इलेक्ट्रिक दोपहिया बाजार में समानता लाने के उद्देश्य से तैयार किए गए हैं।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में ई‑साइकिल के उपयोग में तेज़ी से वृद्धि के साथ गति सीमा, बैटरी सुरक्षा और सड़क‑साझा करने संबंधी चिंताएँ भी बढ़ी हैं। नियमों को कड़ा करके दुर्घटनाओं को घटाने और निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
नए नियमों के तहत निर्माताओं को अपने उत्पादों को बाजार में लाने से पहले अधिक कठोर सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों को पूरा करना होगा। उपयोगकर्ताओं को भी अपनी ई‑साइकिल पंजीकृत करानी पड़ सकती है और नई गति सीमा का पालन करना होगा, हालांकि सटीक पैरामीटर अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंत्रालय का मानना है कि कड़ा नियमन उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाएगा और सुरक्षित, विश्वसनीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान के विकास को प्रोत्साहित करेगा। इस दिशा में राज्य परिवहन प्राधिकरणों के साथ समन्वय के लिए सभी उद्योग हितधारकों से सहयोग की अपील की गई है।
कार्यान्वयन समय‑सारिणी के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर अधिकारियों ने बताया कि दिशानिर्देशों को शीघ्र ही राज्य स्तर पर लागू किया जाएगा।
अधिकारियों का कहना है कि शहरी और अर्ध‑शहरी क्षेत्रों में ई‑साइकिल के उपयोग में तेज़ी से वृद्धि के साथ गति सीमा, बैटरी सुरक्षा और सड़क‑साझा करने संबंधी चिंताएँ भी बढ़ी हैं। नियमों को कड़ा करके दुर्घटनाओं को घटाने और निर्माताओं को गुणवत्ता मानकों का पालन सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है।
नए नियमों के तहत निर्माताओं को अपने उत्पादों को बाजार में लाने से पहले अधिक कठोर सुरक्षा और प्रदर्शन मानकों को पूरा करना होगा। उपयोगकर्ताओं को भी अपनी ई‑साइकिल पंजीकृत करानी पड़ सकती है और नई गति सीमा का पालन करना होगा, हालांकि सटीक पैरामीटर अभी अंतिम रूप दिया जा रहा है।
मंत्रालय का मानना है कि कड़ा नियमन उपभोक्ताओं का भरोसा बढ़ाएगा और सुरक्षित, विश्वसनीय इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधान के विकास को प्रोत्साहित करेगा। इस दिशा में राज्य परिवहन प्राधिकरणों के साथ समन्वय के लिए सभी उद्योग हितधारकों से सहयोग की अपील की गई है।
कार्यान्वयन समय‑सारिणी के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है, पर अधिकारियों ने बताया कि दिशानिर्देशों को शीघ्र ही राज्य स्तर पर लागू किया जाएगा।