📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Creativeinds
शिक्षा
भारत में पीएचडी नामांकन में तेज़ी, स्नातकोत्तर करियर पर सवाल
✍️ ThePrint
🗓 26 सित. 2026, 05:39 AM
👁 15
भारत में पीएचडी के लिए आवेदन में उल्लेखनीय वृद्धि हो रही है, पर विशेषज्ञों को स्नातक के बाद नौकरी के अवसरों पर चिंता है।
हाल के आँकड़ों से पता चलता है कि भारतीय विश्वविद्यालयों में डॉक्टरेट कार्यक्रमों के लिए नामांकन में तेज़ी आई है।
इस वृद्धि का कारण शोध पर बढ़ता जोर और उच्च योग्यता की मांग है, जिसके कारण पीएचडी धारकों की संख्या बढ़ रही है।
लेकिन कई शिक्षाविद् और नीति विश्लेषक बताते हैं कि नौकरी का बाजार अभी भी सीमित है, जहाँ डॉक्टरेट स्नातकों के लिए कम पद उपलब्ध हैं।
इससे यह चिंता बढ़ रही है कि बढ़ती पीएचडी आबादी के लिए उपयुक्त पोस्ट‑डॉक्टोरल भूमिकाएँ पर्याप्त नहीं होंगी, और बेहतर करियर मार्गदर्शन व उद्योग सहयोग की माँग की जा रही है।
इस वृद्धि का कारण शोध पर बढ़ता जोर और उच्च योग्यता की मांग है, जिसके कारण पीएचडी धारकों की संख्या बढ़ रही है।
लेकिन कई शिक्षाविद् और नीति विश्लेषक बताते हैं कि नौकरी का बाजार अभी भी सीमित है, जहाँ डॉक्टरेट स्नातकों के लिए कम पद उपलब्ध हैं।
इससे यह चिंता बढ़ रही है कि बढ़ती पीएचडी आबादी के लिए उपयुक्त पोस्ट‑डॉक्टोरल भूमिकाएँ पर्याप्त नहीं होंगी, और बेहतर करियर मार्गदर्शन व उद्योग सहयोग की माँग की जा रही है।