📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vice President's Secretariat
विदेश
भारत ने एशियाई देशों को यूएस‑चीन विकल्प का प्रस्ताव दिया
✍️ scmp.com
🗓 01 अग. 2026, 07:49 AM
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भारत ने एशियाई देशों को यूएस‑चीन के विकल्प के रूप में एक नई पहल का प्रस्ताव दिया, जिसका उद्देश्य क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत करना और संतुलित साझेदारी प्रदान करना है।
भारत ने एशियाई देशों को यूएस‑चीन के मुकाबले एक वैकल्पिक विकल्प देने के लिए एक नई पहल की घोषणा की है। इस प्रस्ताव को वरिष्ठ भारतीय अधिकारियों ने जारी किया, जिसका उद्देश्य भारत को एक रणनीतिक साझेदार के रूप में स्थापित करना है, जो आर्थिक, सुरक्षा और कूटनीतिक जुड़ाव के माध्यम से दोनों महाशक्तियों के साथ संबद्ध हुए बिना क्षेत्रीय संबंधों को मजबूत कर सके।
यह पहल एशियाई देशों के विदेश नीति पर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है, जहाँ यूएस और चीन के बीच की प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ती आशंकाएँ हैं। भारत ने एशियाई देशों के साथ व्यापार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद के लिए एक ढाँचा प्रस्तुत किया है।
इस पहल के तहत भारत एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जलवायु लचीलापन पर कार्य करेगा।
विवरण अभी तय नहीं हुए हैं, परंतु यह घोषणा भारत की एशिया में अपनी भूमिका को मजबूत करने और यूएस‑चीन के प्रभुत्व के लिए एक संतुलित विकल्प प्रस्तुत करने की इच्छा को दर्शाती है।
यह पहल एशियाई देशों के विदेश नीति पर बढ़ती चिंताओं के बीच आई है, जहाँ यूएस और चीन के बीच की प्रतिस्पर्धा को लेकर बढ़ती आशंकाएँ हैं। भारत ने एशियाई देशों के साथ व्यापार, बुनियादी ढांचा परियोजनाओं और क्षेत्रीय सुरक्षा संवाद के लिए एक ढाँचा प्रस्तुत किया है।
इस पहल के तहत भारत एशियाई देशों के साथ कनेक्टिविटी, डिजिटल अर्थव्यवस्था और जलवायु लचीलापन पर कार्य करेगा।
विवरण अभी तय नहीं हुए हैं, परंतु यह घोषणा भारत की एशिया में अपनी भूमिका को मजबूत करने और यूएस‑चीन के प्रभुत्व के लिए एक संतुलित विकल्प प्रस्तुत करने की इच्छा को दर्शाती है।