📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Navy
बिज़नेस
भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, द्विपक्षीय व्यापार में बढ़ोतरी
✍️ Asianet Newsable
🗓 21 अक्टू. 2026, 05:01 AM
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भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता अब लागू हो गया है, जिससे कृषि, डेयरी और प्रौद्योगिकी जैसे क्षेत्रों में व्यापार और निवेश में वृद्धि की उम्मीद है।
भारत और न्यूज़ीलैंड के बीच हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौता (एफ़टीए) दोनों संसदों की मंजूरी के बाद अब लागू हो गया है। पिछले साल पूरा किया गया यह समझौता कई वस्तुओं पर टैरिफ़ हटाता है और सेवाओं के लिए नियामक बाधाओं को सरल बनाता है।
सरकारें बताती हैं कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को अगले दशक में कई अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है। डेयरी, मांस, फल‑सब्ज़ी, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है।
दोनों पक्षों ने कार्यान्वयन की निगरानी और व्यापार‑संबंधी मुद्दों को शीघ्र सुलझाने के लिए संयुक्त समितियों की स्थापना का वचन दिया है। यह कदम आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधीकृत करने और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की रणनीतिक दिशा में भी देखा जा रहा है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस विकास का स्वागत किया, यह कहते हुए कि न्यूज़ीलैंड के उच्च‑गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद और भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार में निर्यातकों के लिए परस्पर पूरक अवसर मौजूद हैं।
सरकारें बताती हैं कि यह समझौता द्विपक्षीय व्यापार को अगले दशक में कई अरब डॉलर तक बढ़ा सकता है। डेयरी, मांस, फल‑सब्ज़ी, सूचना प्रौद्योगिकी और नवीकरणीय ऊर्जा जैसे प्रमुख क्षेत्रों को इस समझौते से लाभ मिलने की उम्मीद है।
दोनों पक्षों ने कार्यान्वयन की निगरानी और व्यापार‑संबंधी मुद्दों को शीघ्र सुलझाने के लिए संयुक्त समितियों की स्थापना का वचन दिया है। यह कदम आपूर्ति श्रृंखलाओं को विविधीकृत करने और इंडो‑पैसिफिक क्षेत्र में सहयोग को सुदृढ़ करने की रणनीतिक दिशा में भी देखा जा रहा है।
उद्योग प्रतिनिधियों ने इस विकास का स्वागत किया, यह कहते हुए कि न्यूज़ीलैंड के उच्च‑गुणवत्ता वाले कृषि उत्पाद और भारत के विशाल उपभोक्ता बाजार में निर्यातकों के लिए परस्पर पूरक अवसर मौजूद हैं।