📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Indian Navy
बिज़नेस
भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, किवी निर्यात में उछाल
✍️ Livemint
🗓 20 अक्टू. 2026, 05:31 PM
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भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौता आज से लागू हो गया, जिससे न्यूज़ीलैंड के निर्यातकों को कम टैरिफ और भारतीय बाजार में बेहतर पहुँच मिलेगी।
नई दिल्ली में भारत‑न्यूज़ीलैंड मुक्त व्यापार समझौते के लागू होने का औपचारिक चरण पूरा हुआ, जो दोनों देशों के आर्थिक सहयोग को नई दिशा देता है। कई वर्षों की बातचीत के बाद यह समझौता विभिन्न वस्तुओं पर टैरिफ को घटा या समाप्त करता है, जिससे न्यूज़ीलैंड के निर्यातकों को भारतीय बाजार में कम लागत पर प्रवेश मिल रहा है।
समझौते के तहत न्यूज़ीलैंड के कृषि, डेयरी और उच्च मूल्य वाले निर्मित सामानों पर टैरिफ में कमी आएगी, जिसे उद्योग विशेषज्ञों ने "किवी निर्यातकों के लिए बड़ा दिन" कहा है। वहीं, भारत के वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता प्राप्त होगी।
दोनों देशों के व्यापार मंत्रालयों ने कहा है कि यह समझौता आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देगा। विस्तृत टैरिफ तालिकाएँ अब सार्वजनिक हैं, लेकिन वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में व्यापारियों के नए नियमों के अनुकूलन के साथ स्पष्ट होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत की व्यापार साझेदारियों को विविधित करने और पारंपरिक बाजारों पर निर्भरता घटाने की रणनीति के अनुरूप है। न्यूज़ीलैंड के लिए यह 1.4 अरब लोगों के बड़े उपभोक्ता आधार को खोलता है, जिससे दक्षिण एशिया में उसके निर्यात का दायरा विस्तृत हो सकता है।
समझौते के तहत न्यूज़ीलैंड के कृषि, डेयरी और उच्च मूल्य वाले निर्मित सामानों पर टैरिफ में कमी आएगी, जिसे उद्योग विशेषज्ञों ने "किवी निर्यातकों के लिए बड़ा दिन" कहा है। वहीं, भारत के वस्त्र, फार्मास्यूटिकल और सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं को भी विशेष प्राथमिकता प्राप्त होगी।
दोनों देशों के व्यापार मंत्रालयों ने कहा है कि यह समझौता आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करेगा और निवेश प्रवाह को बढ़ावा देगा। विस्तृत टैरिफ तालिकाएँ अब सार्वजनिक हैं, लेकिन वास्तविक प्रभाव आने वाले महीनों में व्यापारियों के नए नियमों के अनुकूलन के साथ स्पष्ट होगा।
विश्लेषकों का मानना है कि यह समझौता भारत की व्यापार साझेदारियों को विविधित करने और पारंपरिक बाजारों पर निर्भरता घटाने की रणनीति के अनुरूप है। न्यूज़ीलैंड के लिए यह 1.4 अरब लोगों के बड़े उपभोक्ता आधार को खोलता है, जिससे दक्षिण एशिया में उसके निर्यात का दायरा विस्तृत हो सकता है।