📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / ElectoralBonds9910
रक्षा
भारत ने अरुणाचल में 27 स्थानों का नाम बदला, चीन ने गुस्सा जताया
✍️ News18
🗓 11 अग. 2026, 12:04 PM
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भारत ने अरुणाचल प्रदेश के 27 स्थानों का नाम बदल दिया, जिससे चीन ने इस कदम पर कड़ी निंदा की, इसे अपनी क्षेत्रीय दावों पर चुनौती माना।
भारत के गृह मंत्रालय ने मंगलवार को घोषणा की कि उसने अरुणाचल प्रदेश के 27 भू‑भागों, जैसे नदियाँ, पहाड़ियाँ और गाँव, के नाम बदल दिए हैं, ताकि विवादित सीमा क्षेत्र पर अपनी संप्रभुता को मजबूत किया जा सके।
यह निर्णय एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रकाशित हुआ, जिसमें नए नामों के साथ-साथ प्रत्येक स्थान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव भारत के प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने और स्थानीय विरासत को दर्शाने के लिए किया गया है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया, इसे "उकसाने वाला कदम" कहा और 1993 के सीमा समझौते की भावना को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। बीजिंग ने चेतावनी दी कि भारत की यह कार्रवाई दोनों पक्षों के बीच विश्वास को कमजोर कर सकती है।
यह घटना लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद पर चल रही कूटनीतिक आदान‑प्रदान के बीच आई है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि नामकरण भारत की दावे को प्रतीकात्मक रूप से मजबूत करने का प्रयास है, जबकि चीन की प्रतिक्रिया अरुणाचल मुद्दे की संवेदनशीलता को दर्शाती है।
यह निर्णय एक सरकारी प्रेस विज्ञप्ति में प्रकाशित हुआ, जिसमें नए नामों के साथ-साथ प्रत्येक स्थान का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि भी दी गई है। अधिकारियों ने कहा कि यह बदलाव भारत के प्रशासनिक नियंत्रण को सुदृढ़ करने और स्थानीय विरासत को दर्शाने के लिए किया गया है।
चीन के विदेश मंत्रालय ने इस कदम की कड़ी निंदा करते हुए एक बयान जारी किया, इसे "उकसाने वाला कदम" कहा और 1993 के सीमा समझौते की भावना को नुकसान पहुँचाने का आरोप लगाया। बीजिंग ने चेतावनी दी कि भारत की यह कार्रवाई दोनों पक्षों के बीच विश्वास को कमजोर कर सकती है।
यह घटना लंबे समय से चल रहे सीमा विवाद पर चल रही कूटनीतिक आदान‑प्रदान के बीच आई है, जहाँ दोनों पक्ष एक-दूसरे पर उल्लंघन का आरोप लगाते रहे हैं। विश्लेषकों का मानना है कि नामकरण भारत की दावे को प्रतीकात्मक रूप से मजबूत करने का प्रयास है, जबकि चीन की प्रतिक्रिया अरुणाचल मुद्दे की संवेदनशीलता को दर्शाती है।