📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ministry of Mines
बिज़नेस
भारत ने 16वें वाणिज्यिक नीलाम में 25 कोयला ब्लॉकों की बिक्री शुरू की
✍️ The Hindu
🗓 18 सित. 2026, 04:36 AM
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सरकार ने 16वें वाणिज्यिक नीलाम में 25 कोयला ब्लॉकों की बिक्री की घोषणा की, जिससे राजस्व बढ़ेगा और निजी निवेश आकर्षित होगा।
नई दिल्ली – कोयला मंत्रालय ने 16वें वाणिज्यिक नीलाम की घोषणा की, जिसमें 25 कोयला ब्लॉकों की बोली लगाई जाएगी। यह कदम सरकार की कोयला संपत्तियों को मोनेटाइज़ करने और राजस्व बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा है।
इन ब्लॉकों को विभिन्न कोयला‑समृद्ध क्षेत्रों में स्थित किया गया है और इन्हें वाणिज्यिक आधार पर बेचा जाएगा, जिसका अर्थ है कि सफल बोलीदाता को कोयला खनन और बिक्री का अधिकार मिलेगा, बिना किसी सरकारी सब्सिडी के। राजस्व की सटीक अनुमान नहीं दिया गया है, पर अधिकारियों ने कहा है कि यह नीलाम कोष में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
निजी एवं सार्वजनिक दोनों कंपनियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बोली लगाने का अवसर मिलेगा, और नीलाम की समयसीमा तथा ब्लॉक की विस्तृत जानकारी मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह प्रक्रिया कोयला खनन (विशेष प्रावधान) अधिनियम के तहत पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करती है।
2015 में नीति परिवर्तन के बाद से यह 16वां वाणिज्यिक नीलाम है, जिसमें पिछले दौरों में कई ब्लॉक निजी ऑपरेटरों को सौंपे गए थे। नवीनतम दौर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए खनिज संसाधनों से मूल्य निकालने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इन ब्लॉकों की सफल बिक्री से थर्मल पावर प्लांटों की आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा और आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को स्थिरता मिलेगी।
इन ब्लॉकों को विभिन्न कोयला‑समृद्ध क्षेत्रों में स्थित किया गया है और इन्हें वाणिज्यिक आधार पर बेचा जाएगा, जिसका अर्थ है कि सफल बोलीदाता को कोयला खनन और बिक्री का अधिकार मिलेगा, बिना किसी सरकारी सब्सिडी के। राजस्व की सटीक अनुमान नहीं दिया गया है, पर अधिकारियों ने कहा है कि यह नीलाम कोष में महत्वपूर्ण योगदान देगा।
निजी एवं सार्वजनिक दोनों कंपनियों को ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से बोली लगाने का अवसर मिलेगा, और नीलाम की समयसीमा तथा ब्लॉक की विस्तृत जानकारी मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। यह प्रक्रिया कोयला खनन (विशेष प्रावधान) अधिनियम के तहत पारदर्शिता और प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित करती है।
2015 में नीति परिवर्तन के बाद से यह 16वां वाणिज्यिक नीलाम है, जिसमें पिछले दौरों में कई ब्लॉक निजी ऑपरेटरों को सौंपे गए थे। नवीनतम दौर भारत की ऊर्जा सुरक्षा को सुदृढ़ करने के लिए खनिज संसाधनों से मूल्य निकालने पर सरकार के निरंतर फोकस को दर्शाता है।
विश्लेषकों का मानना है कि इन ब्लॉकों की सफल बिक्री से थर्मल पावर प्लांटों की आपूर्ति श्रृंखला में सुधार होगा और आयातित कोयले पर निर्भरता कम होगी, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों को स्थिरता मिलेगी।