📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Vyacheslav Argenberg
विदेश
भारत ने प्रथम वर्ष में ईएफटीए व्यापार समझौते के तहत 8,000 उत्पत्ति प्रमाणपत्र जारी किए
✍️ Asianet Newsable
🗓 08 अक्टू. 2026, 07:37 AM
👁 19
भारत ने हाल ही में हुए भारत‑ईएफटीए व्यापार समझौते के तहत 8,000 उत्पत्ति प्रमाणपत्र जारी करके समझौते के कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर हासिल किया है।
भारत‑ईएफटीए व्यापार समझौता, जो दिसंबर 2023 में हस्ताक्षरित हुआ, अपने पहले वर्ष में 8,000 उत्पत्ति प्रमाणपत्र जारी करके कार्यान्वयन में एक महत्वपूर्ण कदम उठा रहा है। यह प्रमाणपत्र भारतीय निर्यातकों को समझौते के तहत निर्धारित प्राधान्यपूर्ण शुल्क दरों का लाभ उठाने के लिए आवश्यक हैं।
उत्पत्ति प्रमाणपत्र यह पुष्टि करते हैं कि माल भारत में निर्मित हुआ है और समझौते में उल्लिखित नियमों के अनुसार योग्य है। जारी किए गए प्रमाणपत्रों की संख्या भारतीय निर्यातकों के बीच नए ढांचे पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि ये प्रमाणपत्र स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिक्टेंस्टीन जैसे ईएफटीए सदस्य देशों के साथ निर्यात को सरल बनाएंगे और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रमाणन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है और वे उम्मीद करते हैं कि जैसे-जैसे अधिक कंपनियाँ इस प्रणाली के साथ पंजीकृत होंगी, प्रमाणपत्रों की संख्या में और वृद्धि होगी।
उत्पत्ति प्रमाणपत्र यह पुष्टि करते हैं कि माल भारत में निर्मित हुआ है और समझौते में उल्लिखित नियमों के अनुसार योग्य है। जारी किए गए प्रमाणपत्रों की संख्या भारतीय निर्यातकों के बीच नए ढांचे पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।
व्यापार विश्लेषकों का कहना है कि ये प्रमाणपत्र स्विट्ज़रलैंड, नॉर्वे, आइसलैंड और लिक्टेंस्टीन जैसे ईएफटीए सदस्य देशों के साथ निर्यात को सरल बनाएंगे और नियमों के अनुपालन को सुनिश्चित करेंगे।
वाणिज्य मंत्रालय के अधिकारियों ने बताया कि प्रमाणन प्रक्रिया को सुव्यवस्थित किया गया है और वे उम्मीद करते हैं कि जैसे-जैसे अधिक कंपनियाँ इस प्रणाली के साथ पंजीकृत होंगी, प्रमाणपत्रों की संख्या में और वृद्धि होगी।