📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Devendramanaskar
बिज़नेस
भारत ने इथेनॉल से ईंधन आयात पर निर्भरता घटाने की दिशा में कदम बढ़ाया
✍️ BusinessLine
🗓 08 नव. 2026, 09:47 PM
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भारत इथेनॉल को घरेलू बायोफ्यूल के रूप में देख रहा है ताकि आयातित ईंधन पर निर्भरता कम हो सके, और बायोफ्यूल उद्योग को सुदृढ़ करने के प्रयास चल रहे हैं।
भारत इथेनॉल को घरेलू बायोफ्यूल के रूप में उपयोग करके आयातित ईंधन पर निर्भरता कम करने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है। सरकार ने इथेनॉल को पेट्रोल के साथ मिलाकर उपयोग करने के संभावित लाभों पर प्रकाश डाला है, जिससे आयात बिल घटेगा और कृषि क्षेत्र को बढ़ावा मिलेगा।
वर्तमान में भारत में इथेनॉल उत्पादन सीमित है, जो मुख्यतः गन्ने के रस और अन्य कृषि अवशेषों से प्राप्त होता है। उद्योग अभी विकासशील है, और कुछ राज्यों ने इथेनॉल उत्पादन और मिश्रण अनुपात बढ़ाने के लिए पायलट परियोजनाएँ शुरू की हैं।
नीति के तहत इथेनॉल मिश्रण के लिए प्रोत्साहन, फीडस्टॉक खेती के लिए सब्सिडी, और राष्ट्रीय इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य की स्थापना जैसी पहलें शामिल हैं। उद्देश्य एक स्वावलंबी बायोफ्यूल आपूर्ति श्रृंखला बनाना है जो किसानों का समर्थन करे और ईंधन आयात घटाए।
उद्योग विशेषज्ञ अगले दशक में इथेनॉल मिश्रण के क्रमिक विस्तार की उम्मीद करते हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास और तकनीकी हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि घरेलू बायोफ्यूल की मांग पूरी की जा सके।
वर्तमान में भारत में इथेनॉल उत्पादन सीमित है, जो मुख्यतः गन्ने के रस और अन्य कृषि अवशेषों से प्राप्त होता है। उद्योग अभी विकासशील है, और कुछ राज्यों ने इथेनॉल उत्पादन और मिश्रण अनुपात बढ़ाने के लिए पायलट परियोजनाएँ शुरू की हैं।
नीति के तहत इथेनॉल मिश्रण के लिए प्रोत्साहन, फीडस्टॉक खेती के लिए सब्सिडी, और राष्ट्रीय इथेनॉल मिश्रण लक्ष्य की स्थापना जैसी पहलें शामिल हैं। उद्देश्य एक स्वावलंबी बायोफ्यूल आपूर्ति श्रृंखला बनाना है जो किसानों का समर्थन करे और ईंधन आयात घटाए।
उद्योग विशेषज्ञ अगले दशक में इथेनॉल मिश्रण के क्रमिक विस्तार की उम्मीद करते हैं, जिसमें बुनियादी ढांचा विकास और तकनीकी हस्तांतरण पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा ताकि घरेलू बायोफ्यूल की मांग पूरी की जा सके।