📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ramesh Lalwani
राजनीति
सीईसी ज्ञानेश कुमार के हटाने की मांग: दिल्ली में चुनाव आयोग का घेराव करेगा इंडिया ब्लॉक
✍️ Amar Ujala
🗓 06 अक्टू. 2026, 08:40 AM
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इंडिया ब्लॉक ने आज दिल्ली स्थित चुनाव आयोग मुख्यालय पर मार्च निकालकर सीईसी ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग करने की घोषणा की है। दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शन को संभालने के लिए हाई अलर्ट पर रहने का आदेश जारी किया है।
नई दिल्ली में राजनीतिक तनाव बढ़ने वाला है, क्योंकि इंडिया ब्लॉक ने चुनाव आयोग (ECI) के मुख्यालय पर बड़ा प्रदर्शन करने की तैयारी की है। विपक्षी गठबंधन ने घोषणा की है कि आज उसके सदस्य चुनाव आयोग के दफ्तर तक मार्च निकालकर अपनी असंतोष जताएंगे।
प्रदर्शन की मुख्य मांग है कि चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाया जाए। ब्लॉक ने चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली और नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी असंतोष व्यक्त किया है, जिसमें चुनावी निकाय की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़े चिंताओं को उठाया गया है। यह कदम चुनाव आयोग की संवैधानिक प्राधिकरण के लिए सीधा चुनौती है।
प्लानेड प्रदर्शन के जवाब में दिल्ली पुलिस ने ECI परिसर के आसपास भारी बल तैनात कर दिया है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि प्रदर्शन का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी प्रकार के कानून-व्यवस्था के मुद्दों को रोका जा सके। दफ्तर के आसपास सुरक्षा प्रोटोकॉल को कस दिया गया है।
राजनीतिक पदाधिकारियों और मीडिया हाउसों द्वारा इस मार्च पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह विपक्षी गठबंधन और केंद्र सरकार से जुड़े संस्थानों के बीच बढ़ते घर्षण को उजागर करता है। आगामी घंटों में इस प्रदर्शन का परिणाम और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का निकट से अवलोकन किया जाएगा।
प्रदर्शन की मुख्य मांग है कि चुनाव आयोग के मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को तुरंत हटाया जाए। ब्लॉक ने चुनाव आयोग के कार्यप्रणाली और नेतृत्व के प्रति अपनी गहरी असंतोष व्यक्त किया है, जिसमें चुनावी निकाय की स्वतंत्रता और निष्पक्षता से जुड़े चिंताओं को उठाया गया है। यह कदम चुनाव आयोग की संवैधानिक प्राधिकरण के लिए सीधा चुनौती है।
प्लानेड प्रदर्शन के जवाब में दिल्ली पुलिस ने ECI परिसर के आसपास भारी बल तैनात कर दिया है। प्रशासन को हाई अलर्ट पर रखा गया है ताकि प्रदर्शन का सुचारू संचालन सुनिश्चित किया जा सके और किसी भी प्रकार के कानून-व्यवस्था के मुद्दों को रोका जा सके। दफ्तर के आसपास सुरक्षा प्रोटोकॉल को कस दिया गया है।
राजनीतिक पदाधिकारियों और मीडिया हाउसों द्वारा इस मार्च पर नजर रखी जा रही है, क्योंकि यह विपक्षी गठबंधन और केंद्र सरकार से जुड़े संस्थानों के बीच बढ़ते घर्षण को उजागर करता है। आगामी घंटों में इस प्रदर्शन का परिणाम और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया का निकट से अवलोकन किया जाएगा।