📷 चित्र स्रोत: Down To Earth (via NewsData)
देश
भारत में दोहरी मौसम की मार: मानसून की बारिश बनाम हीटवेव
✍️ Down To Earth
🗓 18 जून 2026, 10:02 PM
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भारत एक तीव्र मौसम भिन्नता का अनुभव कर रहा है, जहाँ दक्षिण-पश्चिम मानसून और पश्चिमी विक्षोभ की परस्पर क्रिया के कारण उत्तर-पश्चिम और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में भारी बारिश और गरज के साथ बौछारें पड़ रही हैं। साथ ही, कई उत्तरी और मध्य राज्य भीषण लू की चपेट में हैं।
भारत वर्तमान में दक्षिण-पश्चिम मानसून के आगे बढ़ने और एक सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के टकराव के कारण एक महत्वपूर्ण मौसम द्वंद्व का सामना कर रहा है। यह मौसम संबंधी घटना देश के विभिन्न हिस्सों में गंभीर मौसम की घटनाओं को जन्म दे रही है।
भारत के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्र भारी वर्षा का अनुभव कर रहे हैं, जिसके साथ गरज के साथ बौछारें, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल रही हैं। ये स्थितियाँ मानसून प्रणाली और पश्चिमी विक्षोभ की परस्पर क्रिया का सीधा परिणाम हैं, जो शुष्क मौसम से राहत ला रही हैं लेकिन स्थानीय बाढ़ और क्षति का जोखिम भी पैदा कर रही हैं।
इसके बिल्कुल विपरीत, देश के उत्तरी और मध्य भागों के कई राज्य भीषण गर्मी की लहरों से जूझ रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापमान काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।
भारत के उत्तर-पश्चिमी और पूर्वोत्तर क्षेत्र भारी वर्षा का अनुभव कर रहे हैं, जिसके साथ गरज के साथ बौछारें, ओलावृष्टि और तेज हवाएं चल रही हैं। ये स्थितियाँ मानसून प्रणाली और पश्चिमी विक्षोभ की परस्पर क्रिया का सीधा परिणाम हैं, जो शुष्क मौसम से राहत ला रही हैं लेकिन स्थानीय बाढ़ और क्षति का जोखिम भी पैदा कर रही हैं।
इसके बिल्कुल विपरीत, देश के उत्तरी और मध्य भागों के कई राज्य भीषण गर्मी की लहरों से जूझ रहे हैं। बिहार, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, ओडिशा और तेलंगाना सहित विभिन्न क्षेत्रों में तापमान काफी अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है और सार्वजनिक स्वास्थ्य को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।