📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Nigel Cox
विज्ञान
भारत ने कृत्रिम सूर्य परियोजना में प्रगति, वास्तविकता के करीब
✍️ India Today
🗓 14 सित. 2026, 03:36 PM
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भारत द्वारा कृत्रिम सूर्य बनाने की कोशिश ने नया मील का पत्थर हासिल किया है, जिससे यह महत्वाकांक्षी ऊर्जा परियोजना वास्तविकता के करीब आई है, इंडिया टुडे ने बताया।
भारत के वैज्ञानिक समुदाय ने कृत्रिम सूर्य बनाने के उद्देश्य से एक परियोजना पर काम किया है, जिसका लक्ष्य सूर्य की ऊर्जा को दोहराना है। इंडिया टुडे की रिपोर्ट के अनुसार, इस पहल ने वास्तविकता के करीब एक नया कदम उठाया है। विशिष्ट प्रगति के विवरण सीमित हैं, पर यह विकास देश की उच्च‑ऊर्जा अनुसंधान में अग्रसरता को दर्शाता है।
कृत्रिम सूर्य परियोजना का लक्ष्य वहन करने वाले संलयन प्रक्रियाओं को विकसित करना है, जो प्राकृतिक सूर्य में होती हैं, जिससे स्वच्छ और लगभग असीमित ऊर्जा स्रोत प्राप्त हो सके। हितधारकों ने आशावाद व्यक्त किया है कि निरंतर प्रगति भारत को संलयन प्रौद्योगिकी में अग्रणी देशों में स्थान देगी।
सरकार और अनुसंधान संस्थानों से इस पहल के लिए निरंतर समर्थन की उम्मीद है, क्योंकि यह ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। जैसे-जैसे परियोजना व्यावहारिक चरण में आगे बढ़ेगी, और अधिक जानकारी मिलने की संभावना है।
कृत्रिम सूर्य परियोजना का लक्ष्य वहन करने वाले संलयन प्रक्रियाओं को विकसित करना है, जो प्राकृतिक सूर्य में होती हैं, जिससे स्वच्छ और लगभग असीमित ऊर्जा स्रोत प्राप्त हो सके। हितधारकों ने आशावाद व्यक्त किया है कि निरंतर प्रगति भारत को संलयन प्रौद्योगिकी में अग्रणी देशों में स्थान देगी।
सरकार और अनुसंधान संस्थानों से इस पहल के लिए निरंतर समर्थन की उम्मीद है, क्योंकि यह ऊर्जा सुरक्षा और तकनीकी नवाचार के लिए रणनीतिक महत्व रखती है। जैसे-जैसे परियोजना व्यावहारिक चरण में आगे बढ़ेगी, और अधिक जानकारी मिलने की संभावना है।