📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / MODIS Land Rapid Response Team, NASA GSFC
मौसम
बंगाल डिप्रेशन से भारी बारिश, मौसम विभाग ने कई राज्यों में लाल चेतावनी जारी
✍️ theweek.in
🗓 19 अग. 2026, 04:38 AM
👁 3
भारतीय मौसम विभाग ने बंगाल डिप्रेशन के कारण कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना को देखते हुए लाल चेतावनी जारी की है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने बंगाल डिप्रेशन के कारण कई राज्यों में लाल चेतावनी जारी की है, क्योंकि यह प्रणाली अगले 48 घंटों में तीव्र होकर भारी बारिश लाने की संभावना रखती है। मौसम विज्ञानी बताते हैं कि बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न यह लो‑प्रेशर सिस्टम उत्तर‑पश्चिम की ओर बढ़ रहा है और पूर्वी तथा मध्य भारत के कई क्षेत्रों को प्रभावित करेगा।
प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, गैर‑आवश्यक यात्रा से बचने और जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है। स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित बाढ़ स्थितियों के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है, और किसानों को अपने फसल को सुरक्षित रखने के लिए उपाय करने का आग्रह किया गया है।
IMD इस प्रणाली की लगातार निगरानी करेगा और हर छह घंटे में अपडेट जारी करेगा। पिछले अनुभवों से पता चलता है कि बंगाल डिप्रेशन अक्सर नदी घाटी के जिलों में गंभीर बाढ़ का कारण बनते हैं, इसलिए जलाशयों के सुलह दरवाज़े खोलने और बचाव दल तैनात करने जैसे पूर्व‑सावधानी उपाय किए जाते हैं।
राज्य सरकारों से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ समन्वय करने और यदि बारिश से फ्लैश बाढ़ या भूस्खलन हो तो त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। नागरिकों को टेलीविज़न, रेडियो और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों को सतर्क रहने, गैर‑आवश्यक यात्रा से बचने और जलभराव से बचाव के उपाय करने की सलाह दी गई है। स्थानीय आपदा प्रबंधन टीमों को संभावित बाढ़ स्थितियों के लिए तत्पर रहने का निर्देश दिया गया है, और किसानों को अपने फसल को सुरक्षित रखने के लिए उपाय करने का आग्रह किया गया है।
IMD इस प्रणाली की लगातार निगरानी करेगा और हर छह घंटे में अपडेट जारी करेगा। पिछले अनुभवों से पता चलता है कि बंगाल डिप्रेशन अक्सर नदी घाटी के जिलों में गंभीर बाढ़ का कारण बनते हैं, इसलिए जलाशयों के सुलह दरवाज़े खोलने और बचाव दल तैनात करने जैसे पूर्व‑सावधानी उपाय किए जाते हैं।
राज्य सरकारों से राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के साथ समन्वय करने और यदि बारिश से फ्लैश बाढ़ या भूस्खलन हो तो त्वरित राहत कार्य सुनिश्चित करने का अनुरोध किया गया है। नागरिकों को टेलीविज़न, रेडियो और डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म पर जारी आधिकारिक सलाह का पालन करने की अपील की गई है।