📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Van1905
अपराध
असम-मेघालय सीमा पर अवैध लकड़ी परिवहन का पता चला
✍️ Hub News
🗓 10 अक्टू. 2026, 02:32 PM
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सीमा अधिकारियों ने असम-मेघालय सीमा पर अवैध रूप से कटाई की गई लकड़ी के परिवहन को रोका, जिससे क्षेत्र में अवैध कटाई के खिलाफ निरंतर प्रवर्तन प्रयासों पर प्रकाश डाला गया।
असम‑मेघालय सीमा पर कार्यरत सीमा रक्षक दल ने अवैध रूप से कटाई की गई लकड़ी ले जाने वाले ट्रकों के एक समूह को रोका। यह घटना गोहपुर के पास हुई, जो दोनों राज्यों के बीच एक प्रमुख यातायात बिंदु है।
असम पुलिस के अनुसार, इस कॉन्वॉय में छह वाहन थे, जिनमें से प्रत्येक में लगभग 200 घन मीटर लकड़ी भरी हुई थी। यह माल मेघालय के संरक्षित वन क्षेत्रों से लिया गया पाया गया, जो वन (संग्रहण) अधिनियम का उल्लंघन है।
वन विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि जब्त की गई लकड़ी को जब्त कर लिया जाएगा और मालिकों पर अधिनियम के तहत दंड लगाया जाएगा। अधिकारियों ने मेघालय के वन अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य बल स्थापित करने की घोषणा की है ताकि सीमा पार लकड़ी के प्रवाह पर निगरानी बढ़ाई जा सके।
यह घटना उत्तर‑पूर्व में अवैध कटाई की लगातार चुनौती को दर्शाती है, जहाँ घने वन और अवैध सीमाएँ प्रवर्तन को कठिन बनाती हैं। सरकार ने निगरानी को मजबूत करने और व्यापार को रोकने के लिए सख्त दंड लगाने का वादा किया है।
असम पुलिस के अनुसार, इस कॉन्वॉय में छह वाहन थे, जिनमें से प्रत्येक में लगभग 200 घन मीटर लकड़ी भरी हुई थी। यह माल मेघालय के संरक्षित वन क्षेत्रों से लिया गया पाया गया, जो वन (संग्रहण) अधिनियम का उल्लंघन है।
वन विभाग के एक प्रवक्ता ने कहा कि जब्त की गई लकड़ी को जब्त कर लिया जाएगा और मालिकों पर अधिनियम के तहत दंड लगाया जाएगा। अधिकारियों ने मेघालय के वन अधिकारियों के साथ एक संयुक्त कार्य बल स्थापित करने की घोषणा की है ताकि सीमा पार लकड़ी के प्रवाह पर निगरानी बढ़ाई जा सके।
यह घटना उत्तर‑पूर्व में अवैध कटाई की लगातार चुनौती को दर्शाती है, जहाँ घने वन और अवैध सीमाएँ प्रवर्तन को कठिन बनाती हैं। सरकार ने निगरानी को मजबूत करने और व्यापार को रोकने के लिए सख्त दंड लगाने का वादा किया है।