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नौकरी
आईआईटी दिल्ली स्नातक जया शर्मा बनीं जनरेशन ज़ेड की आईपीएस अधिकारी, पूर्व हरियाणा डीएसपी
✍️ NDTV
🗓 27 सित. 2026, 01:37 PM
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जया शर्मा, आईआईटी दिल्ली स्नातक, भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर जनरेशन ज़ेड की पहली आईपीएस अधिकारी बनीं, पूर्व हरियाणा डीएसपी रहीं।
जया शर्मा, 1990 के दशक में आईआईटी दिल्ली से स्नातक, भारतीय पुलिस सेवा में शामिल होकर युवा पीढ़ी के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर स्थापित किया। उनका शैक्षणिक सफर आईआईटी दिल्ली से शुरू हुआ, जहाँ उन्होंने इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की और फिर कानून प्रवर्तन के क्षेत्र में कदम रखा।
शिक्षा पूरी करने के बाद, शर्मा हरियाणा पुलिस में शामिल हुईं और वहाँ डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर कार्य किया। इस पद पर उन्होंने कई जिलों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई और सामुदायिक पुलिसिंग पहलों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस वर्ष की शुरुआत में उनके IPS में प्रवेश की घोषणा हुई, जो UPSC सिविल सर्विस परीक्षा में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद हुआ। यह नियुक्ति उन्हें सेवा के सबसे युवा अधिकारियों में से एक बनाती है और उनसे नई सोच और नवाचार की उम्मीद की जाती है।
शर्मा की नियुक्ति को भारतीय पुलिस सेवा में विविधता बढ़ाने के एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा गया है, जो तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवा पेशेवरों को सार्वजनिक सेवा के करियर पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। सरकार ने उनके इस उपलब्धि को भारतीय सिविल सर्विस के बदलते प्रोफ़ाइल का उदाहरण बताया है।
शिक्षा पूरी करने के बाद, शर्मा हरियाणा पुलिस में शामिल हुईं और वहाँ डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस के पद पर कार्य किया। इस पद पर उन्होंने कई जिलों में कानून और व्यवस्था बनाए रखने की जिम्मेदारी निभाई और सामुदायिक पुलिसिंग पहलों को लागू करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
इस वर्ष की शुरुआत में उनके IPS में प्रवेश की घोषणा हुई, जो UPSC सिविल सर्विस परीक्षा में उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद हुआ। यह नियुक्ति उन्हें सेवा के सबसे युवा अधिकारियों में से एक बनाती है और उनसे नई सोच और नवाचार की उम्मीद की जाती है।
शर्मा की नियुक्ति को भारतीय पुलिस सेवा में विविधता बढ़ाने के एक सकारात्मक कदम के रूप में देखा गया है, जो तकनीकी पृष्ठभूमि वाले युवा पेशेवरों को सार्वजनिक सेवा के करियर पर विचार करने के लिए प्रेरित करता है। सरकार ने उनके इस उपलब्धि को भारतीय सिविल सर्विस के बदलते प्रोफ़ाइल का उदाहरण बताया है।