स्थानीय
ई-टोकन व्यवस्था में पारदर्शिता हेतु ग्वालियर में खाद दुकानों का निरीक्षण
कृषि विभाग के निरीक्षण दलों ने कलेक्टर के निर्देश पर ग्वालियर की 10 खाद दुकानों का निरीक्षण कर पीओएस स्टॉक और वास्तविक स्टॉक का मिलान किया, ताकि किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध हो सके।
ई-टोकन व्यवस्था के तहत किसानों को गुणवत्तायुक्त खाद उपलब्ध कराने के लिए जिला प्रशासन ने खाद-बीज की दुकानों का निरीक्षण जारी रखा है।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के दलों ने रविवार को जिले की 10 खाद दुकानों का निरीक्षण किया। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री भानु प्रकाश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण दलों ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।
रविवार को निरीक्षण में गणेश ट्रेडिंग कंपनी मुरार, न्यू गंभीर खाद भण्डार मुरार, माठूलाल हरिशंकर गंज मुरार, शिव फर्टिलाइजर लक्ष्मीगंज, सांई कृषि सेवा केन्द्र व शीतला खाद बीज भण्डार गुड़ी गुड़ा का नाका, तथा डबरा स्थित कामतानाथ बीज भण्डार, माँ उर्वरक खाद भण्डार व किसान एग्रीटेक संस्था का औचक निरीक्षण शामिल था।
कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि खाद वितरण में पारदर्शिता के साथ कोई समझौता न हो और ई-टोकन व्यवस्था के तहत किसानों को सुचारू रूप से खाद दिलाना सुनिश्चित किया जाए। जिन दुकानों पर मिलान नहीं होगा, उनके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
कलेक्टर श्रीमती रुचिका चौहान के निर्देश पर, किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग के दलों ने रविवार को जिले की 10 खाद दुकानों का निरीक्षण किया। उप संचालक किसान कल्याण एवं कृषि विकास श्री भानु प्रकाश शर्मा ने बताया कि निरीक्षण दलों ने पीओएस मशीन में दर्ज स्टॉक और मौके पर उपलब्ध वास्तविक स्टॉक का मिलान किया जा रहा है।
रविवार को निरीक्षण में गणेश ट्रेडिंग कंपनी मुरार, न्यू गंभीर खाद भण्डार मुरार, माठूलाल हरिशंकर गंज मुरार, शिव फर्टिलाइजर लक्ष्मीगंज, सांई कृषि सेवा केन्द्र व शीतला खाद बीज भण्डार गुड़ी गुड़ा का नाका, तथा डबरा स्थित कामतानाथ बीज भण्डार, माँ उर्वरक खाद भण्डार व किसान एग्रीटेक संस्था का औचक निरीक्षण शामिल था।
कलेक्टर ने निर्देश दिया है कि खाद वितरण में पारदर्शिता के साथ कोई समझौता न हो और ई-टोकन व्यवस्था के तहत किसानों को सुचारू रूप से खाद दिलाना सुनिश्चित किया जाए। जिन दुकानों पर मिलान नहीं होगा, उनके खिलाफ उर्वरक नियंत्रण आदेश के प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।