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एक सदी बाद भी असम के प्रतीक को बना रहे है राज्य की चेतना
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / BhuyanBhaskar
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एक सदी बाद भी असम के प्रतीक को बना रहे है राज्य की चेतना

✍️ The Times of India 🗓 09 सित. 2026, 12:03 AM 👁 13
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एक सदी बाद भी यह प्रतीक असम की नैतिक दिशा‑निर्देश माना जाता है, टाइम्स ऑफ इंडिया ने कहा।

टाइम्स ऑफ इंडिया ने एक असमी प्रतीक पर विचारशील लेख प्रकाशित किया, जिसकी प्रभावशाली भूमिका एक सदी बाद भी जारी है। रिपोर्ट में कहा गया है कि यह व्यक्तित्व अभी भी असम की चेतना माना जाता है, जो सार्वजनिक राय और सांस्कृतिक कथा को पीढ़ी दर पीढ़ी आकार देता है। विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रतीक के प्रति निरंतर सम्मान राज्य के सामाजिक ताने‑बाने में उसके विचारों और मूल्यों की स्थायी प्रभावशीलता को दर्शाता है। नियमित स्मरण समारोह और विद्वतापूर्ण चर्चाएँ इस विरासत को जीवित रखती हैं, जिससे यह प्रतीक आज के असम के लिए नैतिक मार्गदर्शक बना रहता है।
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