📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
स्वास्थ्य
गुजरात में चांदीपुरा वायरस के फिर से उभरने पर ICMR ने भेजी विशेषज्ञ टीम
✍️ Amar Ujala
🗓 12 अग. 2026, 10:00 AM
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भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद ने चांदीपुरा वायरस के फिर से प्रकोप की रिपोर्ट पर गुजरात भेजी विशेषज्ञ टीम, जो इस दुर्लभ परंतु घातक रोग की जांच करेगी।
भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) ने गुजरात में चांदीपुरा वायरस के नए प्रकोप की रिपोर्ट के बाद विशेषज्ञों की टीम भेजी है। चांदीपुरा वायरस, रैबडोविरिडे परिवार का सदस्य, बच्चों में एन्सेफलाइटिस का कारण बनता है और यदि समय पर निदान और उपचार न किया जाए तो उच्च मृत्यु दर हो सकती है।
ICMR की टीम क्षेत्रीय जांच करेगी, संदिग्ध मामलों से नमूने एकत्र करेगी और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर संक्रमण के स्रोत का पता लगाएगी। वे मौजूदा कीट नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का भी आकलन करेंगे, क्योंकि यह वायरस मुख्यतः मच्छरों के काटने से फैलता है।
गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों ने माता-पिता को चेतावनी दी है कि यदि बच्चों में बुखार, दौरे, उल्टी या चेतना में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। चांदीपुरा वायरस से जुड़ी उच्च मृत्यु दर को कम करने के लिए शीघ्र निदान और सहायक देखभाल सबसे प्रभावी उपाय हैं।
ICMR का यह हस्तक्षेप पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के प्रकोपों के बाद आया है, जो व्यापक प्रसार को रोकने के लिए सतर्क निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को दर्शाता है।
ICMR की टीम क्षेत्रीय जांच करेगी, संदिग्ध मामलों से नमूने एकत्र करेगी और स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ मिलकर संक्रमण के स्रोत का पता लगाएगी। वे मौजूदा कीट नियंत्रण उपायों की प्रभावशीलता का भी आकलन करेंगे, क्योंकि यह वायरस मुख्यतः मच्छरों के काटने से फैलता है।
गुजरात के स्वास्थ्य अधिकारियों ने माता-पिता को चेतावनी दी है कि यदि बच्चों में बुखार, दौरे, उल्टी या चेतना में बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें तो तुरंत चिकित्सा सहायता लें। चांदीपुरा वायरस से जुड़ी उच्च मृत्यु दर को कम करने के लिए शीघ्र निदान और सहायक देखभाल सबसे प्रभावी उपाय हैं।
ICMR का यह हस्तक्षेप पिछले कुछ वर्षों में इसी तरह के प्रकोपों के बाद आया है, जो व्यापक प्रसार को रोकने के लिए सतर्क निगरानी और त्वरित प्रतिक्रिया की आवश्यकता को दर्शाता है।