📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Saiphani02
कृषि
आईसीएआर-एनआरसीबी ने 33वें स्थापना दिवस पर नई केले की किस्में पेश कीं
✍️ Asianet Newsable
🗓 22 अग. 2026, 04:19 PM
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भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर बनाना ने अपने 33वें स्थापना दिवस पर नई विकसित केले की किस्में प्रदर्शित कीं।
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के अंतर्गत नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर बनाना (एनआरसीबी) ने अपने 33वें स्थापना दिवस को नई विकसित केले की किस्मों के प्रदर्शन के साथ मनाया। यह कार्यक्रम संस्थान के परिसर में आयोजित हुआ, जहाँ शोधकर्ता नवीनतम किस्में दर्शकों और हितधारकों को प्रस्तुत कर रहे थे।
इन नई किस्मों को कई वर्षों की प्रजनन प्रक्रिया के माध्यम से विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य उपज में वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में अनुकूलता को बढ़ाना है। वैज्ञानिकों ने फसल के आकार, शेल्फ‑लाइफ़ और फ्यूज़ारियम वाइल्ड जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति सहनशीलता जैसे गुणों को उजागर किया।
आईसीएआर और एनआरसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन नवाचारों के भारतीय किसान के लिए महत्व पर बल दिया, यह कहते हुए कि नई किस्में किसानों की आय में सुधार और खाद्य सुरक्षा में योगदान दे सकती हैं। केंद्र आगामी बुवाई सत्र में सर्वश्रेष्ठ लाइनों को फील्ड ट्रायल और बीज उत्पादन के बाद किसानों को वितरित करने की योजना बना रहा है।
इन नई किस्मों को कई वर्षों की प्रजनन प्रक्रिया के माध्यम से विकसित किया गया है, जिसका उद्देश्य उपज में वृद्धि, रोग प्रतिरोधक क्षमता और विभिन्न जलवायु क्षेत्रों में अनुकूलता को बढ़ाना है। वैज्ञानिकों ने फसल के आकार, शेल्फ‑लाइफ़ और फ्यूज़ारियम वाइल्ड जैसी प्रमुख बीमारियों के प्रति सहनशीलता जैसे गुणों को उजागर किया।
आईसीएआर और एनआरसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों ने इन नवाचारों के भारतीय किसान के लिए महत्व पर बल दिया, यह कहते हुए कि नई किस्में किसानों की आय में सुधार और खाद्य सुरक्षा में योगदान दे सकती हैं। केंद्र आगामी बुवाई सत्र में सर्वश्रेष्ठ लाइनों को फील्ड ट्रायल और बीज उत्पादन के बाद किसानों को वितरित करने की योजना बना रहा है।