📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Diego Delso
धर्म
आईसीए विभाग ने त्रिपुरा में तीन दिवसीय कीर्तन कार्यशाला का शुभारंभ किया
✍️ TRIPURA STAR NEWS
🗓 30 अग. 2026, 02:03 AM
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आईसीए विभाग ने त्रिपुरा में तीन दिवसीय कीर्तन कार्यशाला का उद्घाटन किया, जिसमें संगीतकार और भक्त एकत्रित हुए।
संस्कृति मामलों के विभाग (ICA) ने त्रिपुरा में तीन दिवसीय कीर्तन कार्यशाला का औपचारिक शुभारंभ किया। उद्घाटन समारोह में स्थानीय सांस्कृतिक अधिकारियों और उत्सुक प्रतिभागियों ने भाग लिया, जो भजन गाने की कला को गहराई से सीखना चाहते हैं।
यह कार्यशाला पारंपरिक कीर्तन गायन में गहन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें स्वर तकनीक, गीतों की व्याख्या और इस शैली का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि शामिल है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए संगीतकार अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी कौशल को निखारेंगे।
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध भजन परम्परा को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है। तीन दिनों के दौरान प्रतिभागी व्यावहारिक सत्र, समूह रिहर्सल और कीर्तन के सामाजिक महत्व पर चर्चा करेंगे।
कार्यशाला का समापन एक सार्वजनिक प्रस्तुति के साथ होगा, जिसमें प्रशिक्षु अपने सीखे हुए को व्यापक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे। अधिकारियों की आशा है कि यह पहल पारंपरिक कला में नई पीढ़ी की रुचि को जागृत करेगी।
यह कार्यशाला पारंपरिक कीर्तन गायन में गहन प्रशिक्षण प्रदान करने के लिए तैयार की गई है, जिसमें स्वर तकनीक, गीतों की व्याख्या और इस शैली का ऐतिहासिक पृष्ठभूमि शामिल है। राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए संगीतकार अनुभवी शिक्षकों के मार्गदर्शन में अपनी कौशल को निखारेंगे।
आयोजकों का कहना है कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्र की समृद्ध भजन परम्परा को संरक्षित और प्रोत्साहित करना है। तीन दिनों के दौरान प्रतिभागी व्यावहारिक सत्र, समूह रिहर्सल और कीर्तन के सामाजिक महत्व पर चर्चा करेंगे।
कार्यशाला का समापन एक सार्वजनिक प्रस्तुति के साथ होगा, जिसमें प्रशिक्षु अपने सीखे हुए को व्यापक दर्शकों के सामने प्रस्तुत करेंगे। अधिकारियों की आशा है कि यह पहल पारंपरिक कला में नई पीढ़ी की रुचि को जागृत करेगी।