📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Alok Singh Oberoi
नौकरी
IAS अधिकारी तुकाराम मुंदे, ‘सिंगहम’, 25 स्थानान्तरणों के बाद फिर से प्रकाश में
✍️ The Times of India
🗓 19 अग. 2026, 08:03 PM
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तुकाराम मुंदे, जिन्हें ‘सिंगहम’ के नाम से जाना जाता है, 25 स्थानान्तरणों के बाद अपनी करियर की शुरुआत एक गाँव की स्कूल से हुई और अब फिर से ध्यान आकर्षित कर रहे हैं।
तुकाराम मुंदे, जिन्हें ‘सिंगहम’ के नाम से जाना जाता है, एक साधारण गाँव की स्कूल से शुरू होकर 25 अलग‑अलग जिलों में सेवा करने के बाद फिर से मीडिया के केंद्र में आ गए हैं। 2005 में भारतीय प्रशासनिक सेवा में शामिल हुए मुंदे ने ग्रामीण विकास से लेकर शहरी योजना तक के कई विभागों में कार्य किया है।
उनकी कार्यशैली को कठोर और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता के लिए सराहा गया है, जिससे उन्हें ‘सिंगहम’ उपनाम मिला। यह उपनाम जनता में उनके दृढ़ नेतृत्व के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
हाल ही में राजस्व विभाग में उनका स्थानान्तरण हुआ है, जिससे राज्य स्तर पर सुधारों को लागू करने में उनकी भूमिका पर नया प्रकाश पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि उनके व्यापक अनुभव से वे राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनते हैं।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की इस रिपोर्ट ने उनके गाँव की स्कूल से लेकर ऊँचे पदों तक की यात्रा को उजागर किया, जिसमें उन्होंने जिन चुनौतियों का सामना किया और स्थानीय शासन पर उनके नीतिगत प्रभाव को रेखांकित किया।
उनकी कार्यशैली को कठोर और भ्रष्टाचार के प्रति शून्य सहिष्णुता के लिए सराहा गया है, जिससे उन्हें ‘सिंगहम’ उपनाम मिला। यह उपनाम जनता में उनके दृढ़ नेतृत्व के प्रति विश्वास को दर्शाता है।
हाल ही में राजस्व विभाग में उनका स्थानान्तरण हुआ है, जिससे राज्य स्तर पर सुधारों को लागू करने में उनकी भूमिका पर नया प्रकाश पड़ा है। विश्लेषकों का कहना है कि उनके व्यापक अनुभव से वे राज्य सरकार के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बनते हैं।
द टाइम्स ऑफ इंडिया की इस रिपोर्ट ने उनके गाँव की स्कूल से लेकर ऊँचे पदों तक की यात्रा को उजागर किया, जिसमें उन्होंने जिन चुनौतियों का सामना किया और स्थानीय शासन पर उनके नीतिगत प्रभाव को रेखांकित किया।