📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / New Waz Media, Uploaded by Owais Al Qarni
अपराध
बैतूल में पत्नी को आत्महत्या के लिए उकसाने वाले पति को सात साल की सजा
✍️ Amar Ujala · Madhya Pradesh
🗓 12 अक्टू. 2026, 06:45 PM
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बैतूल के न्यायालय ने पति प्रमोद विश्वकर्मा को पत्नी को लगातार उत्पीड़ित करने और आत्महत्या के लिए उकसाने के कारण सात साल की सश्रम कारावास और चार हजार रुपये का जुर्माना सुनाया। दहेज के आरोप को साक्ष्य न मिलने पर खारिज कर दिया गया।
मध्य प्रदेश के भयावाड़ी गाँव के बैतूल में स्थित जिला न्यायालय ने घरेलू अत्याचार और आत्महत्या के उकसावे के मामले में फैसला सुनाया। पति प्रमोद विश्वकर्मा को अपनी पत्नी कविता को लगातार उत्पीड़ित करने और उसे आत्महत्या करने के लिए उकसाने का दोषी पाया गया। अदालत ने सात साल की सश्रम कारावास और चार हजार रुपये का जुर्माना निर्धारित किया।
प्रकरण के दौरान दहेज की मांग का भी आरोप लगाया गया था, पर प्रस्तुत साक्ष्य अपर्याप्त रहने के कारण इस आरोप को खारिज कर दिया गया।
यह निर्णय घरेलू हिंसा के खिलाफ न्यायिक कठोरता को दर्शाता है और भारत में इस प्रकार के अपराधों के लिए सजा को कड़ा करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है।
महिला अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने तथा सजा के त्वरित कार्यान्वयन की मांग की। यह मामला क्षेत्र में लैंगिक हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कई कदमों में से एक है।
अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि विश्वकर्मा निर्धारित अवधि में जुर्माना का भुगतान करें, अन्यथा अतिरिक्त दंड लगाया जा सकता है।
प्रकरण के दौरान दहेज की मांग का भी आरोप लगाया गया था, पर प्रस्तुत साक्ष्य अपर्याप्त रहने के कारण इस आरोप को खारिज कर दिया गया।
यह निर्णय घरेलू हिंसा के खिलाफ न्यायिक कठोरता को दर्शाता है और भारत में इस प्रकार के अपराधों के लिए सजा को कड़ा करने की प्रवृत्ति को उजागर करता है।
महिला अधिकार संगठनों ने इस फैसले का स्वागत किया और पीड़िता को सुरक्षा प्रदान करने तथा सजा के त्वरित कार्यान्वयन की मांग की। यह मामला क्षेत्र में लैंगिक हिंसा को रोकने के लिए उठाए गए कई कदमों में से एक है।
अदालत ने यह भी आदेश दिया है कि विश्वकर्मा निर्धारित अवधि में जुर्माना का भुगतान करें, अन्यथा अतिरिक्त दंड लगाया जा सकता है।