📷 चित्र स्रोत: Latestly (via NewsData)
राजनीति
मुंबई में एंटी-सीईसी विरोध में सैकड़ों को हिरासत में
✍️ Latestly
🗓 12 अक्टू. 2026, 08:31 AM
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मुंबई में 11 अक्टूबर को एंटी-सीईसी विरोध प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
मुंबई पुलिस ने 11 अक्टूबर, 2026 को केंद्रीय चुनाव आयोग (सीईसी) के खिलाफ विरोध प्रदर्शन में भाग लेने वाले सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। अधिकारियों ने बताया कि भीड़ ने प्रमुख सड़कों को अवरुद्ध कर दिया था और कई चेतावनियों को नज़रअंदाज़ किया, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
यह प्रदर्शन नागरिक समूहों के एक गठबंधन द्वारा आयोजित था, जिसका उद्देश्य सीईसी की हालिया चुनाव सुधारों में संभावित पक्षपात और पारदर्शिता की कमी को उजागर करना था। आयोजकों का कहना है कि एक हजार से अधिक लोग इकट्ठा हुए, जबकि पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या लगभग छह सौ बताई।
पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात बाधा के उल्लंघन के तहत सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कोई चोट नहीं लगी और हिरासत में लिए गए लोगों को स्थानीय थानों में ले जाया गया। इस मुद्दे पर पुलिस प्रवक्ता ने प्रदर्शनकारियों की विशिष्ट शिकायतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मानवाधिकार संगठनों ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की और सरकार से सीईसी से जुड़ी चिंताओं पर संवाद करने का आग्रह किया। यह घटना देश भर में बढ़ते नागरिक आंदोलन में एक नया अध्याय जोड़ती है।
यह प्रदर्शन नागरिक समूहों के एक गठबंधन द्वारा आयोजित था, जिसका उद्देश्य सीईसी की हालिया चुनाव सुधारों में संभावित पक्षपात और पारदर्शिता की कमी को उजागर करना था। आयोजकों का कहना है कि एक हजार से अधिक लोग इकट्ठा हुए, जबकि पुलिस ने हिरासत में लिए गए लोगों की संख्या लगभग छह सौ बताई।
पुलिस ने बताया कि सार्वजनिक व्यवस्था और यातायात बाधा के उल्लंघन के तहत सार्वजनिक सुरक्षा अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। कोई चोट नहीं लगी और हिरासत में लिए गए लोगों को स्थानीय थानों में ले जाया गया। इस मुद्दे पर पुलिस प्रवक्ता ने प्रदर्शनकारियों की विशिष्ट शिकायतों पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।
मानवाधिकार संगठनों ने हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारियों की रिहाई की मांग की और सरकार से सीईसी से जुड़ी चिंताओं पर संवाद करने का आग्रह किया। यह घटना देश भर में बढ़ते नागरिक आंदोलन में एक नया अध्याय जोड़ती है।