📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anushtupde
धर्म
होलि संकीर्तन शोकेस नेत्रछाया में भीड़ खींची, मणिपुर की खोती परंपरा को बचाने का लक्ष्य
✍️ India Today NE
🗓 24 सित. 2026, 08:36 AM
👁 10
मणिपुर में आयोजित होली संकीर्तन शोकेस ने बड़ी भीड़ को आकर्षित किया और राज्य की घटती पारंपरिक संगीत व भजन परम्परा को पुनर्जीवित करने का उद्देश्य रखा है।
होलि संकीर्तन शोकेस मणिपुर में आयोजित हुआ और क्षेत्र के होली उत्सव के हिस्से के रूप में बड़ी भीड़ को आकर्षित किया। कलाकारों ने पारंपरिक संकीर्तन भजन प्रस्तुत किए, जो मणिपुर की सांस्कृतिक पहचान का अभिन्न हिस्सा रहा है।
दर्शकों, विशेषकर युवा वर्ग, ने उत्साह दिखाया, जिससे इस कला रूप में नई रुचि की संभावना उजागर हुई। संकीर्तन, जो कभी गाँव सभाओं और धार्मिक अनुष्ठानों में प्रमुख था, हाल के दशकों में बदलते मनोरंजन विकल्पों के कारण धीरे‑धीरे घटता गया है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि इस शोकेस का उद्देश्य इस घटती परम्परा को पुनर्जीवित करना और इसे भविष्य की पीढ़ियों तक पहुँचाना है। वे आशावादी हैं कि नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मणिपुर के संकीर्तन को स्थायी मंच मिल सकेगा।
दर्शकों, विशेषकर युवा वर्ग, ने उत्साह दिखाया, जिससे इस कला रूप में नई रुचि की संभावना उजागर हुई। संकीर्तन, जो कभी गाँव सभाओं और धार्मिक अनुष्ठानों में प्रमुख था, हाल के दशकों में बदलते मनोरंजन विकल्पों के कारण धीरे‑धीरे घटता गया है।
कार्यक्रम के आयोजकों ने कहा कि इस शोकेस का उद्देश्य इस घटती परम्परा को पुनर्जीवित करना और इसे भविष्य की पीढ़ियों तक पहुँचाना है। वे आशावादी हैं कि नियमित सांस्कृतिक कार्यक्रमों से मणिपुर के संकीर्तन को स्थायी मंच मिल सकेगा।