📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
राजनीति
हिमाचल प्रदेश ने दो मंत्रियों को पीडब्ल्यूडी और शहरी विकास का कार्यभार सौंपा
✍️ ANI News
🗓 20 सित. 2026, 09:31 PM
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राज्य सरकार ने विक्रमादित्य सिंह की अनुपस्थिति में पीडब्ल्यूडी और शहरी विकास का कार्यभार दो मंत्रियों को सौंपा है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सार्वजनिक कार्य विभाग (पीडब्ल्यूडी) और शहरी विकास के कार्यभार दो वरिष्ठ मंत्रियों को सौंपे हैं। यह कदम उस समय उठाया गया जब वर्तमान मंत्री विक्रमादित्य सिंह आधिकारिक कार्यों से अनुपलब्ध हैं, जिससे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाओं में निरंतरता बनी रहे।
राज्य सचिवालय के स्रोतों के अनुसार, इन दो मंत्रियों को राज्य भर में चल रहे सड़क निर्माण, भवन रखरखाव और शहरी नियोजन कार्यों की देखरेख का जिम्मा दिया गया है। इस पुनर्वितरण से निर्णय‑लेने की प्रक्रिया तेज़ होगी और लंबित परियोजनाओं में देरी नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश सूचना विभाग ने जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह अस्थायी व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक विक्रमादित्य सिंह अपने कर्तव्यों को पुनः नहीं ग्रहण करते। मंत्रियों के नाम और उनके विशिष्ट जिम्मेदारियों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे कैबिनेट पुनर्गठन हिमाचल की राजनीति में असामान्य नहीं हैं, विशेषकर जब किसी प्रमुख मंत्री को स्वास्थ्य या अन्य कारणों से अनुपलब्ध होना पड़े। सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि सड़कों, पुलों और शहरी विकास से जुड़ी आवश्यक सेवाएँ बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।
यह बदलाव सरकार की बुनियादी ढांचा विकास को गति देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आगामी स्थानीय चुनावों से पहले प्राथमिकता क्षेत्र बना हुआ है।
राज्य सचिवालय के स्रोतों के अनुसार, इन दो मंत्रियों को राज्य भर में चल रहे सड़क निर्माण, भवन रखरखाव और शहरी नियोजन कार्यों की देखरेख का जिम्मा दिया गया है। इस पुनर्वितरण से निर्णय‑लेने की प्रक्रिया तेज़ होगी और लंबित परियोजनाओं में देरी नहीं होगी।
हिमाचल प्रदेश सूचना विभाग ने जारी किए गए प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह अस्थायी व्यवस्था तब तक जारी रहेगी जब तक विक्रमादित्य सिंह अपने कर्तव्यों को पुनः नहीं ग्रहण करते। मंत्रियों के नाम और उनके विशिष्ट जिम्मेदारियों के बारे में अभी तक कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी गई है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे कैबिनेट पुनर्गठन हिमाचल की राजनीति में असामान्य नहीं हैं, विशेषकर जब किसी प्रमुख मंत्री को स्वास्थ्य या अन्य कारणों से अनुपलब्ध होना पड़े। सरकार ने जनता को आश्वस्त किया है कि सड़कों, पुलों और शहरी विकास से जुड़ी आवश्यक सेवाएँ बिना किसी बाधा के जारी रहेंगी।
यह बदलाव सरकार की बुनियादी ढांचा विकास को गति देने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है, जो आगामी स्थानीय चुनावों से पहले प्राथमिकता क्षेत्र बना हुआ है।