📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Prime Minister's Office
नौकरी
सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद हिमाचल ने संविदा कर्मचारियों के लाभों की समीक्षा शुरू की
✍️ The News Himachal
🗓 04 नव. 2026, 05:37 PM
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने सुप्रीम कोर्ट के हालिया फैसले के बाद संविदा कर्मचारियों के लाभों का आकलन और सुधार करने के लिए एक व्यवस्थित प्रक्रिया शुरू की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने सोमवार को घोषणा की कि वह विभिन्न विभागों में संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले लाभों का व्यापक आकलन करने की प्रक्रिया शुरू करेगी। यह कदम सुप्रीम कोर्ट के ऐसे फैसले के बाद उठाया गया है, जिसने पहले संविदा कर्मचारियों को मिलने वाले कुछ विशेषाधिकारों को सीमित कर दिया था, जिससे सरकार को वेतन‑भत्ते ढांचे की पुनः समीक्षा करनी पड़ी।
कर्मचारी एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों को मौजूदा लाभ योजनाओं, जैसे स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योगदान और अवकाश अधिकार, का डेटा एकत्र करने का कार्य सौंपा गया है। इस जानकारी के आधार पर नई दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे, जो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हों और संविदा कर्मचारियों के मनोबल को बनाए रखें।
यह पहल अगले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, और समय‑समय पर कर्मचारियों तथा ट्रेड यूनियनों को अपडेट दिया जाएगा। सरकार ने कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी अनुपालन और सभी कर्मचारियों के समान अधिकार सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि पारदर्शी समीक्षा से अनिश्चितताओं में कमी आएगी और संविदा कर्मचारियों को कानूनी मानकों के अनुरूप लाभ मिलेंगे।
कर्मचारी एवं प्रशिक्षण विभाग के अधिकारियों को मौजूदा लाभ योजनाओं, जैसे स्वास्थ्य बीमा, पेंशन योगदान और अवकाश अधिकार, का डेटा एकत्र करने का कार्य सौंपा गया है। इस जानकारी के आधार पर नई दिशानिर्देश तैयार किए जाएंगे, जो न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप हों और संविदा कर्मचारियों के मनोबल को बनाए रखें।
यह पहल अगले कुछ महीनों में चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी, और समय‑समय पर कर्मचारियों तथा ट्रेड यूनियनों को अपडेट दिया जाएगा। सरकार ने कहा कि यह प्रक्रिया कानूनी अनुपालन और सभी कर्मचारियों के समान अधिकार सुनिश्चित करने की उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह कहते हुए कि पारदर्शी समीक्षा से अनिश्चितताओं में कमी आएगी और संविदा कर्मचारियों को कानूनी मानकों के अनुरूप लाभ मिलेंगे।