📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
कृषि
हिमाचल प्रदेश ने किसान ऋण डिफॉल्ट रोकने के लिए ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की
✍️ Goodreturns
🗓 12 अक्टू. 2026, 03:16 AM
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हिमाचल प्रदेश सरकार ने वन‑टाइम सेटलमेंट (OTS) के तहत कृषि ऋण डिफॉल्ट कम करने के लिए ब्याज सब्सिडी योजना शुरू की है।
हिमाचल प्रदेश सरकार ने कृषि ऋणों के लिए एक नई ब्याज सब्सिडी योजना की घोषणा की है, जिसका उद्देश्य डिफॉल्ट करने वाले किसानों को राहत प्रदान करना है। इस उपाय के तहत मौजूदा कृषि ऋणों पर ब्याज दर में कमी की जाएगी, जिससे वन‑टाइम सेटलमेंट (OTS) तंत्र के तहत पुनर्भुगतान को प्रोत्साहन मिलेगा।
योग्य किसानों को उनके बकाया ऋण पर ब्याज का सब्सिडी मिलेगा, जिससे कुल ऋण बोझ कम होगा। इस सब्सिडी के लिए वित्तीय स्रोत राज्य की कोष से आएंगे, हालांकि विशिष्ट राशि का उल्लेख नहीं किया गया।
यह पहल हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र को स्थिर करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, जहाँ मौसमी उतार‑चढ़ाव और बाजार की अस्थिरता अक्सर ऋण संकट का कारण बनती है। अधिकारियों ने बताया कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और आवेदन निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
किसान संघों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि ब्याज में राहत से नकदी प्रवाह सुधरेगा और ऋण डिफॉल्ट की संख्या घटेगी। प्रशासन योजना के प्रभाव को निरंतर देखेगा और उपयोग एवं पुनर्भुगतान प्रवृत्तियों के आधार पर आवश्यक समायोजन करेगा।
यह योजना हिमाचल प्रदेश की कृषि समर्थन रणनीति का हिस्सा है, जो किसानों की आजीविका सुधारने के लिए अन्य क्रेडिट और सब्सिडी कार्यक्रमों के साथ मिलकर कार्य करती है।
योग्य किसानों को उनके बकाया ऋण पर ब्याज का सब्सिडी मिलेगा, जिससे कुल ऋण बोझ कम होगा। इस सब्सिडी के लिए वित्तीय स्रोत राज्य की कोष से आएंगे, हालांकि विशिष्ट राशि का उल्लेख नहीं किया गया।
यह पहल हिमाचल प्रदेश के कृषि क्षेत्र को स्थिर करने के व्यापक प्रयासों के साथ मेल खाती है, जहाँ मौसमी उतार‑चढ़ाव और बाजार की अस्थिरता अक्सर ऋण संकट का कारण बनती है। अधिकारियों ने बताया कि योजना को चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा और आवेदन निर्धारित बैंक शाखाओं के माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे।
किसान संघों सहित कई हितधारकों ने इस कदम का स्वागत किया है, यह मानते हुए कि ब्याज में राहत से नकदी प्रवाह सुधरेगा और ऋण डिफॉल्ट की संख्या घटेगी। प्रशासन योजना के प्रभाव को निरंतर देखेगा और उपयोग एवं पुनर्भुगतान प्रवृत्तियों के आधार पर आवश्यक समायोजन करेगा।
यह योजना हिमाचल प्रदेश की कृषि समर्थन रणनीति का हिस्सा है, जो किसानों की आजीविका सुधारने के लिए अन्य क्रेडिट और सब्सिडी कार्यक्रमों के साथ मिलकर कार्य करती है।