📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
राजनीति
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 187 सेक्शन‑118 अनुमतियों पर सवाल उठाए
✍️ The Tribune
🗓 18 अक्टू. 2026, 10:31 PM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार द्वारा सेक्शन 118 के तहत गैर‑कृषि व्यक्तियों को दी गई 187 अनुमतियों पर वैधता की स्पष्टता माँगी है।
शिमला, १८ अक्टूबर (द ट्रिब्यून) – हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने राज्य सरकार को यह समझाने को कहा है कि सेक्शन 118 के तहत गैर‑कृषि व्यक्तियों को 187 अनुमतियाँ क्यों दी गईं। कोर्ट ने बताया कि ये अनुमतियाँ उस प्रावधान के मूल उद्देश्य के विपरीत लगती हैं, जो कृषि भूमि धारकों के लिए निर्धारित है।
यह सवाल उठाना राज्य में भूमि‑संबंधी मंजूरी की पारदर्शिता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। अधिकारियों को प्रत्येक अनुमति का विस्तृत रिकॉर्ड, साथ ही लाभार्थियों को गैर‑कृषि मानने के मानदंड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्शन 118 राज्य के भूमि‑सुधार ढांचे का एक महत्वपूर्ण भाग है, और इसकी पात्रता से कोई भी विचलन आगे की न्यायिक जाँच को आमंत्रित कर सकता है। हाई कोर्ट ने सरकार को जवाब देने की अंतिम तिथि निर्धारित की है, जिससे यह मामला आगे की सुनवाइयों में बारीकी से देखा जाएगा।
इस जांच के परिणामों से भविष्य की भूमि‑वितरण नीतियों पर असर पड़ सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ कृषि भूमि की कमी है और वैकल्पिक उपयोगों की मांग बढ़ रही है।
यह सवाल उठाना राज्य में भूमि‑संबंधी मंजूरी की पारदर्शिता को लेकर बढ़ती चिंताओं के बीच आया है। अधिकारियों को प्रत्येक अनुमति का विस्तृत रिकॉर्ड, साथ ही लाभार्थियों को गैर‑कृषि मानने के मानदंड प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है।
कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि सेक्शन 118 राज्य के भूमि‑सुधार ढांचे का एक महत्वपूर्ण भाग है, और इसकी पात्रता से कोई भी विचलन आगे की न्यायिक जाँच को आमंत्रित कर सकता है। हाई कोर्ट ने सरकार को जवाब देने की अंतिम तिथि निर्धारित की है, जिससे यह मामला आगे की सुनवाइयों में बारीकी से देखा जाएगा।
इस जांच के परिणामों से भविष्य की भूमि‑वितरण नीतियों पर असर पड़ सकता है, विशेषकर उन क्षेत्रों में जहाँ कृषि भूमि की कमी है और वैकल्पिक उपयोगों की मांग बढ़ रही है।