📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sumita Roy Dutta
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने भूमि क्षतिपूर्ति में 7.5% ब्याज का आदेश दिया
✍️ Himachal Scape
🗓 09 अक्टू. 2026, 04:31 AM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने 367‑दिन की देरी वाली भूमि क्षतिपूर्ति पर 7.5% वार्षिक ब्याज देने का आदेश जारी किया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने आदेश दिया है कि 367 दिनों से अधिक समय तक न मिलने वाली भूमि क्षतिपूर्ति पर वार्षिक 7.5% ब्याज देना अनिवार्य होगा।
यह आदेश उस याचिका के बाद आया जिसमें भूमि मालिकों ने सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन की क्षतिपूर्ति में अत्यधिक देरी की शिकायत की थी। कोर्ट ने बताया कि एक साल से अधिक की देरी उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
ब्याज की व्यवस्था करके न्यायालय का उद्देश्य समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और भविष्य में भूमि अधिग्रहण में देरी को रोकना है। यह निर्णय राज्य में सभी लंबित क्षतिपूर्ति मामलों पर लागू होगा जहाँ निर्धारित समय सीमा पार हो चुकी है।
इस फैसले से राज्य सरकार और अधिग्रहण एजेंसियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिससे उन्हें भुगतान प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा करनी पड़ सकती है।
यह आदेश उस याचिका के बाद आया जिसमें भूमि मालिकों ने सार्वजनिक परियोजनाओं के लिए अधिग्रहित जमीन की क्षतिपूर्ति में अत्यधिक देरी की शिकायत की थी। कोर्ट ने बताया कि एक साल से अधिक की देरी उनके अधिकारों का उल्लंघन है।
ब्याज की व्यवस्था करके न्यायालय का उद्देश्य समय पर भुगतान सुनिश्चित करना और भविष्य में भूमि अधिग्रहण में देरी को रोकना है। यह निर्णय राज्य में सभी लंबित क्षतिपूर्ति मामलों पर लागू होगा जहाँ निर्धारित समय सीमा पार हो चुकी है।
इस फैसले से राज्य सरकार और अधिग्रहण एजेंसियों पर वित्तीय दबाव बढ़ सकता है, जिससे उन्हें भुगतान प्रक्रियाओं की पुनः समीक्षा करनी पड़ सकती है।