📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Anup Sadi
अपराध
हिमाचल हाई कोर्ट ने बारोग में अवैध ऊँचाई वाले प्रोजेक्ट्स को चिह्नित किया, 10 साल का जमीन सौदा डेटा मांगा
✍️ The Times of India
🗓 18 अक्टू. 2026, 12:01 AM
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हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने बारोग में अवैध ऊँचाई वाले निर्माणों को चिन्हित किया और राज्य भर के पिछले दस वर्षों के जमीन सौदा रिकॉर्ड प्रदान करने का आदेश दिया।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने शिमला में बैठकर बारोग में कई निर्माण प्रोजेक्ट्स को चिह्नित किया है जो राज्य द्वारा निर्धारित अधिकतम ऊँचाई सीमा से अधिक हैं। कोर्ट ने इन संरचनाओं को "अवैध‑ऊँचाई" बताया और कहा कि ऐसे उल्लंघन सुरक्षा और पर्यावरणीय मानकों को खतरे में डाल सकते हैं।
स्थिति की व्यापक जाँच के लिए कोर्ट ने राज्य के भूमि‑रिकॉर्ड विभाग को पिछले दस वर्षों में हिमाचल में हुए सभी जमीन सौदे और निर्माण अनुमतियों का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह डेटा अनियमितताओं के पैटर्न को उजागर करने और अनधिकृत अनुमतियों में शामिल पक्षों को जवाबदेह ठहराने के लिए मांगा गया है।
राज्य अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी संकलित कर कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। हाई कोर्ट ने कहा कि प्राप्त परिणामों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गैर‑जिम्मेदार डेवलपर्स और अधिकारियों पर दंड भी शामिल हो सकता है।
यह कदम उन संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण पर बढ़ते दबाव के बीच आया है, जहाँ अवैध ऊँची इमारतों से भू-स्खलन का खतरा और प्राकृतिक दृश्यता में कमी को लेकर जनता में चिंता बढ़ी है।
बारोग के स्थानीय निवासियों ने न्यायपालिका के हस्तक्षेप से राहत व्यक्त की, आशा जताते हुए कि यह जांच भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने और विकास को कानूनी एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगी।
स्थिति की व्यापक जाँच के लिए कोर्ट ने राज्य के भूमि‑रिकॉर्ड विभाग को पिछले दस वर्षों में हिमाचल में हुए सभी जमीन सौदे और निर्माण अनुमतियों का विस्तृत डेटा प्रस्तुत करने का निर्देश दिया। यह डेटा अनियमितताओं के पैटर्न को उजागर करने और अनधिकृत अनुमतियों में शामिल पक्षों को जवाबदेह ठहराने के लिए मांगा गया है।
राज्य अधिकारियों को निर्धारित समय सीमा के भीतर यह जानकारी संकलित कर कोर्ट में पेश करने को कहा गया है। हाई कोर्ट ने कहा कि प्राप्त परिणामों के आधार पर आगे की न्यायिक कार्रवाई की जा सकती है, जिसमें गैर‑जिम्मेदार डेवलपर्स और अधिकारियों पर दंड भी शामिल हो सकता है।
यह कदम उन संवेदनशील पहाड़ी क्षेत्रों में अनियंत्रित निर्माण पर बढ़ते दबाव के बीच आया है, जहाँ अवैध ऊँची इमारतों से भू-स्खलन का खतरा और प्राकृतिक दृश्यता में कमी को लेकर जनता में चिंता बढ़ी है।
बारोग के स्थानीय निवासियों ने न्यायपालिका के हस्तक्षेप से राहत व्यक्त की, आशा जताते हुए कि यह जांच भविष्य में ऐसे उल्लंघनों को रोकने और विकास को कानूनी एवं पर्यावरणीय मानकों के अनुरूप बनाने में मदद करेगी।