📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Chinmaykp25
स्थानीय
हाई कोर्ट ने चेतावनी दी: अवैध इमारतें जयनगर के यूनेस्को दर्जे को खतरे में डाल रही हैं
✍️ India Today
🗓 02 अक्टू. 2026, 01:33 PM
👁 17
राजस्थान उच्च न्यायालय ने चेतावनी दी है कि जयनगर के ऐतिहासिक स्थलों के आसपास अवैध निर्माण और घुसपैठ उसकी यूनेस्को विश्व धरोहर स्थिति को खतरे में डाल सकती है।
राजस्थान उच्च न्यायालय ने आज चेतावनी दी है कि जयनगर के ऐतिहासिक क्षेत्र में अवैध इमारतें और घुसपैठ शहर के यूनेस्को विश्व धरोहर दर्जे को खतरे में डाल रही हैं।
न्यायाधीशों ने बताया कि कई अनधिकृत संरचनाएँ प्रमुख स्मारकों के पास उभर रही हैं, जिनमें शहर का पॅलेस और जंतर मंतर अवलोकनशाला शामिल हैं, जो ऐतिहासिक परिदृश्य की अखंडता को नुकसान पहुँचा रही हैं।
न्यायालय ने जोर दिया कि आगे की घुसपैठ यूनेस्को दर्जे को घटाने या हटाने का कारण बन सकती है, जिससे जयनगर पर आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों तरह के प्रभाव पड़ेंगे।
इसलिए, राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह मौजूदा विरासत संरक्षण कानूनों को लागू करे और अवैध निर्माणों का तुरंत निवारण करे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।
न्यायाधीशों ने बताया कि कई अनधिकृत संरचनाएँ प्रमुख स्मारकों के पास उभर रही हैं, जिनमें शहर का पॅलेस और जंतर मंतर अवलोकनशाला शामिल हैं, जो ऐतिहासिक परिदृश्य की अखंडता को नुकसान पहुँचा रही हैं।
न्यायालय ने जोर दिया कि आगे की घुसपैठ यूनेस्को दर्जे को घटाने या हटाने का कारण बन सकती है, जिससे जयनगर पर आर्थिक और सांस्कृतिक दोनों तरह के प्रभाव पड़ेंगे।
इसलिए, राज्य सरकार से अनुरोध किया गया है कि वह मौजूदा विरासत संरक्षण कानूनों को लागू करे और अवैध निर्माणों का तुरंत निवारण करे, अन्यथा कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।