📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Muhammad Mahdi Karim/ Augustus Binu
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हाई कोर्ट ने कार दुर्घटना के अंतिम स्थान को दोष का प्रमाण नहीं माना, मुआवजा बढ़ाकर 1 करोड़ रुपये
✍️ The Times of India
🗓 21 अक्टू. 2026, 09:37 AM
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हाई कोर्ट के निर्णय में कहा गया कि दुर्घटना में वाहन की अंतिम स्थिति स्वचालित रूप से चालक की लापरवाही साबित नहीं करती, और पीड़ित को 1 करोड़ रुपये का मुआवजा बढ़ा दिया गया।
हाई कोर्ट ने हाल ही में एक कार दुर्घटना मामले में महत्वपूर्ण निर्णय दिया, जिसमें कहा गया कि वाहन की अंतिम स्थिति चालक के दोष का निर्णायक प्रमाण नहीं है। अदालत ने दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तुत सबूतों की जाँच की और पाया कि दुर्घटना में अन्य कारक भी योगदान कर सकते हैं। इसके परिणामस्वरूप, पीड़ित को दिया गया मुआवजा ₹1 करोड़ तक बढ़ा दिया गया, जो पहले के आंकड़े से काफी अधिक है। यह निर्णय ट्रैफ़िक दुर्घटना मामलों में व्यापक जांच के महत्व पर प्रकाश डालता है और भविष्य के मुकदमों में वाहन स्थिति के आधार पर दोष निर्धारण के लिए मिसाल कायम कर सकता है। कानूनी विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला इसी तरह के मामलों में अदालतों के दृष्टिकोण को प्रभावित कर सकता है।