📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Kamlesh.legalaid
नौकरी
हाई कोर्ट ने फैसला किया: ₹3,000 पेंशन से नहीं रोकेगा सरकारी कर्मचारियों के माता-पिता का मेडिकल रिइम्बर्समेंट
✍️ Livemint
🗓 19 अक्टू. 2026, 02:33 AM
👁 15
डिस्ट्रिक्ट हाई कोर्ट ने निर्णय दिया कि हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों के लिए ₹3,000 की पेंशन माता-पिता के मेडिकल रिइम्बर्समेंट को रोकती नहीं है।
डिस्ट्रिक्ट हाई कोर्ट ने आज यह निर्णय दिया कि हरियाणा के सरकारी कर्मचारियों को दी जाने वाली ₹3,000 की मासिक पेंशन उनके माता-पिता के मेडिकल रिइम्बर्समेंट का दावा करने से रोकती नहीं है।
इस फैसले से स्पष्ट हुआ कि पेंशन, जो एक वैधानिक लाभ है, और मेडिकल रिइम्बर्समेंट योजना, जो कर्मचारियों को उनके माता-पिता के चिकित्सा खर्चों के लिए प्रतिपूर्ति का दावा करने देती है, अलग-अलग हैं।
इस निर्णय के तहत, कर्मचारी पेंशन और मेडिकल रिइम्बर्समेंट दोनों एक साथ प्राप्त कर सकते हैं, जिससे सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए वित्तीय योजना आसान होगी।
अदालत ने हरियाणा कर्मचारियों के पेंशन योजना और मेडिकल रिइम्बर्समेंट नीति के संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों लाभ स्वतंत्र हैं और एक-दूसरे के साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।
इस फैसले से स्पष्ट हुआ कि पेंशन, जो एक वैधानिक लाभ है, और मेडिकल रिइम्बर्समेंट योजना, जो कर्मचारियों को उनके माता-पिता के चिकित्सा खर्चों के लिए प्रतिपूर्ति का दावा करने देती है, अलग-अलग हैं।
इस निर्णय के तहत, कर्मचारी पेंशन और मेडिकल रिइम्बर्समेंट दोनों एक साथ प्राप्त कर सकते हैं, जिससे सार्वजनिक कर्मचारियों के लिए वित्तीय योजना आसान होगी।
अदालत ने हरियाणा कर्मचारियों के पेंशन योजना और मेडिकल रिइम्बर्समेंट नीति के संबंधित प्रावधानों का हवाला देते हुए कहा कि दोनों लाभ स्वतंत्र हैं और एक-दूसरे के साथ सह-अस्तित्व में रह सकते हैं।