🔥 ट्रेंडिंग পদোন্নতিতে বাগুইআটি থানার আইসি সঞ্জয়... बिहार में 7 लाख हटाव को लेकर सवालों के... जमुई में नाबालिग उत्पीड़न केस में दो औ... मुंबई पुलिस ने CJP के 2 अक्टूबर शिवाजी... महाराष्ट्र के सीएम फडनवीस ने लॉन्च किय... एनसीपी (एसपी) विधायक रोहित पवार ने महा...
28 सित. 2026•
ગુજરાતી मराठी ਪੰਜਾਬੀ বাংলা
उच्च न्यायालय लोक अदालत ने 2007 दुर्घटना में मरे सैनिक के परिवार को अतिरिक्त 42 लाख रुपये दिया
📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Memorialman
रक्षा

उच्च न्यायालय लोक अदालत ने 2007 दुर्घटना में मरे सैनिक के परिवार को अतिरिक्त 42 लाख रुपये दिया

✍️ The Tribune 🗓 04 अग. 2026, 04:37 AM 👁 39
शेयर करें: 💬 WhatsApp 📘 Facebook 𝕏 Post

उच्च न्यायालय लोक अदालत ने 2007 में हुई दुर्घटना में मरे सैनिक के माता-पिता को अतिरिक्त 42 लाख रुपये देने का निर्णय लिया।

उच्च न्यायालय लोक अदालत ने 2007 में हुई दुर्घटना में मरे सैनिक के माता-पिता को अतिरिक्त 42 लाख रुपये देने का निर्णय लिया। यह फैसला लंबे समय से चल रही एक केस के तहत आया है, जिसमें परिवार ने अपने पुत्र, एक भारतीय सेना के सक्रिय अधिकारी, की मृत्यु के लिए मुआवजा माँगा था।

लोक अदालत का यह निर्णय सार्वजनिक सेवकों से संबंधित विवादों का त्वरित और सौहार्दपूर्ण समाधान प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है। यह पहले से मिले मुआवजे को पूरा करता है और अदालत ने सैनिक के सेवा रिकॉर्ड और दुर्घटना की परिस्थितियों के आधार पर अतिरिक्त राशि तय की है।

माता-पिता ने इस अतिरिक्त राशि से राहत महसूस करते हुए कहा कि इससे उन्हें आर्थिक और भावनात्मक दोनों तरह के नुकसानों से निपटने में मदद मिलेगी। यह निर्णय समान मामलों के लिए एक मिसाल कायम कर सकता है।

यह फैसला उच्च न्यायालय के परिसर में आयोजित सुनवाई के दौरान घोषित किया गया, जहाँ सैनिक का सेवा फ़ाइल और दुर्घटना रिपोर्टों की जाँच की गई। लोक अदालत के पैनल ने सैनिकों के परिवारों का समर्थन करने के महत्व पर बल दिया।

इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका सैनिकों के बलिदान के लिए परिवारों को उचित मुआवजा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
📲Get App