📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / unknown
अपराध
उच्च न्यायालय ने पंचायत सदस्यों को परेशान करने वाले गांववाले पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
✍️ Live Law
🗓 24 जुल. 2026, 08:04 PM
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पाटना और हज़ारिबाग उच्च न्यायालय ने प्रगतिशील शक्ति पर विवाद में पंचायत सदस्यों को परेशान करने वाले गांववाले पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
पाटना और हज़ारिबाग उच्च न्यायालय ने प्रगतिशील शक्ति पर विवाद के दौरान पंचायत सदस्यों को परेशान करने वाले एक गांववाले पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया।
मामला उस गांववाले के बार-बार मौखिक और शारीरिक उत्पीड़न से जुड़ा था, जो स्थानीय विकास योजना को लागू करने का प्रयास कर रहे चुनावी पंचायत अधिकारियों पर था।
न्यायालय ने अपने निर्णय में पंचायत राज अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के उल्लंघन के रूप में इस उत्पीड़न को माना और कहा कि यह जुर्माना समान व्यवहार के खिलाफ एक निवारक के रूप में कार्य करेगा।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका पंचायतों की सुरक्षा और विकासात्मक पहलों को बिना डर के आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ है।
मामला उस गांववाले के बार-बार मौखिक और शारीरिक उत्पीड़न से जुड़ा था, जो स्थानीय विकास योजना को लागू करने का प्रयास कर रहे चुनावी पंचायत अधिकारियों पर था।
न्यायालय ने अपने निर्णय में पंचायत राज अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के उल्लंघन के रूप में इस उत्पीड़न को माना और कहा कि यह जुर्माना समान व्यवहार के खिलाफ एक निवारक के रूप में कार्य करेगा।
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि न्यायपालिका पंचायतों की सुरक्षा और विकासात्मक पहलों को बिना डर के आगे बढ़ाने के लिए दृढ़ है।