📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Ms Sarah Welch
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ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में प्राचीन घाट और चट्टानें तोड़ी गई, वकीलों ने याचिका दायर की
✍️ Amar Ujala · Indore
🗓 05 अक्टू. 2026, 08:16 AM
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इंदौर के अधिवक्ताओं ने कहा कि सिंहस्थ 2028 की तैयारियों में ओंकारेश्वर के प्राचीन घाट और प्राकृतिक चट्टानों को तोड़ा जा रहा है और उन्होंने काम रोकने के लिए कोर्ट में याचिका दायर की है।
इंदौर के वकीलों ने मंगलवार को ओंकारेश्वर में प्राचीन घाटों और नर्मदा किनारे की प्राकृतिक चट्टानों के ध्वंस को लेकर कोर्ट में याचिका दायर की। यह संरचनाएँ सांस्कृतिक धरोहर का हिस्सा हैं और सिंहस्थ 2028 के बड़े कार्यक्रम के लिए नए घाट बनाने के नाम पर हटाई जा रही हैं।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस तरह का ध्वंस विरासत संरक्षण नियमों का उल्लंघन है और पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने अदालत से तत्काल रोक आदेश की मांग की है, ताकि विस्तृत प्रभाव आकलन हो सके।
इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 2028 के कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को संभालने हेतु नए घाट आवश्यक हैं और इस परियोजना के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं। उन्होंने इस बीच उठाए गए विरासत संबंधी मुद्दों पर टिप्पणी नहीं की।
अब मामला अदालत के समक्ष है और दोनों पक्षों की सुनवाई अगले सप्ताह के भीतर होने की संभावना है। यदि अदालत ने रोक आदेश दिया, तो आगे की ध्वंस कार्यवाही को पुनः मूल्यांकन तक स्थगित किया जाएगा।
याचिकाकर्ताओं का कहना है कि इस तरह का ध्वंस विरासत संरक्षण नियमों का उल्लंघन है और पर्यावरणीय संतुलन को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने अदालत से तत्काल रोक आदेश की मांग की है, ताकि विस्तृत प्रभाव आकलन हो सके।
इंदौर नगर निगम के अधिकारियों ने बताया कि 2028 के कार्यक्रम के लिए बड़ी संख्या में तीर्थयात्रियों को संभालने हेतु नए घाट आवश्यक हैं और इस परियोजना के लिए आवश्यक अनुमतियां ली गई हैं। उन्होंने इस बीच उठाए गए विरासत संबंधी मुद्दों पर टिप्पणी नहीं की।
अब मामला अदालत के समक्ष है और दोनों पक्षों की सुनवाई अगले सप्ताह के भीतर होने की संभावना है। यदि अदालत ने रोक आदेश दिया, तो आगे की ध्वंस कार्यवाही को पुनः मूल्यांकन तक स्थगित किया जाएगा।