📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / W.carter
मौसम
केरल, कर्नाटक में भारी बारिश, आंध्र और ओडिशा में तूफ़ान की संभावना
✍️ CNBC TV18
🗓 20 सित. 2026, 08:37 AM
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भारत मौसम विभाग ने केरल और कर्नाटक में भारी बारिश तथा आंध्र प्रदेश, ओडिशा और कई अन्य राज्यों में तूफ़ान की चेतावनी जारी की है।
भारत मौसम विभाग (आईएमडी) ने एक मौसम बुलेटिन जारी किया है, जिसमें बताया गया है कि दक्षिणी प्रायद्वीप में दक्षिण-पश्चिमी मानसून की तीव्रता बढ़ेगी, जिससे केरल और कर्नाटक में अगले 48 घंटों में लगातार भारी बारिश होगी। अरब सागर में एक निम्न दबाव प्रणाली के पूर्व की ओर बढ़ने से पश्चिमी घाट और तटीय मैदानों में बड़ी मात्रा में वर्षा की संभावना है।
केरल‑कर्नाटक के साथ, आईएमडी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पड़ोसी क्षेत्रों में बिखरे हुए तूफ़ानों की चेतावनी भी दी है। उच्च आर्द्रता और मिलते‑जुलते हवाओं के कारण ये तूफ़ान तेज़ हवाएं, बिजली और स्थानीय बाढ़ का कारण बन सकते हैं, विशेषकर निचले स्तर के शहरी क्षेत्रों और नदी घाटियों में।
प्रभावित राज्यों की प्रशासनिक एजेंसियों को आपदा प्रतिक्रिया दल सक्रिय करने, जल निकासी नालियों को साफ़ रखने और यात्रियों व किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेते रहने और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में यात्रा से बचने का निर्देश दिया गया है।
यह पूर्वानुमान दर्शाता है कि मानसून के दौरान सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि आईएमडी इस प्रणाली की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी अतिरिक्त तीव्रता से प्रभावित क्षेत्रों में समय पर कार्रवाई की जा सके।
केरल‑कर्नाटक के साथ, आईएमडी ने आंध्र प्रदेश, ओडिशा और पड़ोसी क्षेत्रों में बिखरे हुए तूफ़ानों की चेतावनी भी दी है। उच्च आर्द्रता और मिलते‑जुलते हवाओं के कारण ये तूफ़ान तेज़ हवाएं, बिजली और स्थानीय बाढ़ का कारण बन सकते हैं, विशेषकर निचले स्तर के शहरी क्षेत्रों और नदी घाटियों में।
प्रभावित राज्यों की प्रशासनिक एजेंसियों को आपदा प्रतिक्रिया दल सक्रिय करने, जल निकासी नालियों को साफ़ रखने और यात्रियों व किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। नागरिकों को आधिकारिक स्रोतों से अपडेट लेते रहने और बाढ़‑प्रवण क्षेत्रों में यात्रा से बचने का निर्देश दिया गया है।
यह पूर्वानुमान दर्शाता है कि मानसून के दौरान सतर्कता बनाए रखना आवश्यक है, क्योंकि आईएमडी इस प्रणाली की निगरानी कर रहा है ताकि किसी भी अतिरिक्त तीव्रता से प्रभावित क्षेत्रों में समय पर कार्रवाई की जा सके।