📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Phillip Perry
मौसम
उत्तरी भारत में भारी बारिश और बाढ़ से कम से कम 62 मौतें
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🗓 28 सित. 2026, 10:32 PM
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भारी बारिश ने उत्तरी भारत में बाढ़ ला दी, जिससे कम से कम 62 लोगों की मौत हुई, अधिकारियों ने बताया।
उत्तरी भारत के कई राज्यों में इस हफ्ते भारी बारिश ने नदियों को उफान पर ला दिया और निचले इलाकों में बाढ़ आ गई। स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि इस आपदा में अब तक कम से कम 62 लोगों की मौत हुई है, कई लोग घायल या फंसे हुए हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य पुलिस सहित बचाव दलों को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि बाढ़ में फँसे लोगों को निकाल कर आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी जा सके। विस्थापित लोगों के लिये राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं।
जुलाई‑अगस्त में चरम पर पहुँचने वाला मानसून इस साल तेज़ी से आया है, जिससे अधिकारियों ने आगे भी बारिश जारी रहने पर अतिरिक्त बाढ़ की चेतावनी जारी की है। जनता से अनुरोध किया गया है कि बाढ़‑प्रवण मार्गों से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
संपत्ति क्षति का सटीक आंकड़ा अभी तय नहीं हो पाया है, पर प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि परिवहन, बिजली आपूर्ति और कृषि क्षेत्रों में व्यापक व्यवधान हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ मिलकर मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और समय‑समय पर चेतावनियाँ जारी की जा रही हैं।
जैसे-जैसे बचाव कार्य जारी है, मौतों की संख्या बढ़ सकती है और मृतकों के परिवारों को सूचित किया जा रहा है। राहत संगठनों ने इस मानवीय सहायता में सहयोग के लिये दान की अपील की है।
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और राज्य पुलिस सहित बचाव दलों को सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में तैनात किया गया है, ताकि बाढ़ में फँसे लोगों को निकाल कर आपातकालीन चिकित्सा सहायता दी जा सके। विस्थापित लोगों के लिये राहत शिविर स्थापित किए जा रहे हैं।
जुलाई‑अगस्त में चरम पर पहुँचने वाला मानसून इस साल तेज़ी से आया है, जिससे अधिकारियों ने आगे भी बारिश जारी रहने पर अतिरिक्त बाढ़ की चेतावनी जारी की है। जनता से अनुरोध किया गया है कि बाढ़‑प्रवण मार्गों से बचें और सुरक्षा निर्देशों का पालन करें।
संपत्ति क्षति का सटीक आंकड़ा अभी तय नहीं हो पाया है, पर प्रारंभिक रिपोर्टों से पता चलता है कि परिवहन, बिजली आपूर्ति और कृषि क्षेत्रों में व्यापक व्यवधान हुआ है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के साथ मिलकर मौसम की स्थिति पर नजर रखी जा रही है और समय‑समय पर चेतावनियाँ जारी की जा रही हैं।
जैसे-जैसे बचाव कार्य जारी है, मौतों की संख्या बढ़ सकती है और मृतकों के परिवारों को सूचित किया जा रहा है। राहत संगठनों ने इस मानवीय सहायता में सहयोग के लिये दान की अपील की है।