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हत्या के प्रयास के 10 साल पुराने मामले में मां और दो बेटों को 20 साल की सजा
कोर्ट ने तीनों पर लगाया 17 हजार रुपये का अर्थदंड, मुख्य आरोपी की हो चुकी है मौत
सीतापुर। जिले में करीब 10 साल पुराने हत्या के प्रयास के मामले में अदालत ने मां और उसके दो बेटों को दोषी करार देते हुए 20-20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने तीनों दोषियों पर कुल 17 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।
मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बाकरपुर गांव का है। वर्ष 2016 में गांव निवासी श्रीदेवी ने महेश, उसकी पत्नी कुसुमा देवी और उनके बेटों कुलदीप व दीपू पर अपने पति की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। बताया गया कि सरकारी नल से पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला मारपीट और हत्या के प्रयास तक पहुंच गया।
मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 ने कुसुमा देवी, कुलदीप और दीपू को दोषी माना और तीनों को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
विचारण के दौरान मामले के मुख्य आरोपी महेश की मृत्यु हो चुकी है।
मामला इमलिया सुल्तानपुर थाना क्षेत्र के बाकरपुर गांव का है। वर्ष 2016 में गांव निवासी श्रीदेवी ने महेश, उसकी पत्नी कुसुमा देवी और उनके बेटों कुलदीप व दीपू पर अपने पति की हत्या के प्रयास का आरोप लगाया था। बताया गया कि सरकारी नल से पानी भरने को लेकर विवाद हुआ था, जिसके बाद मामला मारपीट और हत्या के प्रयास तक पहुंच गया।
मामले में पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया था। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर अपर जिला एवं सत्र न्यायालय संख्या-7 ने कुसुमा देवी, कुलदीप और दीपू को दोषी माना और तीनों को 20 वर्ष के सश्रम कारावास की सजा सुनाई।
विचारण के दौरान मामले के मुख्य आरोपी महेश की मृत्यु हो चुकी है।