राजनीति
हसनपुर में चंद्रशेखर आजाद ने योगी आदित्यनाथ को बिजनौर से चुनाव लड़ने की दी चुनौती
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आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने हसनपुर में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बिजनौर जिले से चुनाव लड़ने की चुनौती दी है। उन्होंने दावा किया कि पार्टी 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटी है और बिजनौर से भाजपा को हराकर भेजेगी।
आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद रविवार को हसनपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित बूथ स्तरीय कार्यकर्ता सम्मेलन में पहुंचे। इस अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि पार्टी ने 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारी तेज कर दी है। उन्होंने 87 विधानसभा क्षेत्रों के प्रभारियों की घोषणा की, जिसमें हसनपुर से चौधरी शाहनवाज को प्रभारी नियुक्त किया गया। आजाद ने दावा किया कि क्षेत्र के कार्यकर्ताओं ने शानदार कार्यक्रम का आयोजन किया है और आने वाले चुनाव में शाहनवाज क्षेत्र की आवाज बनेंगे।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दी। उन्होंने बताया कि 2022 में गोरखपुर में उन्होंने पार्टी के प्रत्याशी के रूप में योगी के सामने प्रभारी उतारा था। उन्होंने कहा कि बिजनौर जिले में कुल आठ विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। आजाद ने कहा, "मुख्यमंत्री उन चार में से किसी भी एक सीट पर आकर चुनाव लड़ लें, मैं भी उसी सीट पर पार्टी से टिकट मांगकर उनके सामने लड़ूंगा। आजाद समाज पार्टी बिजनौर से उन्हें हराकर भेजेगी।"
प्रदेश सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए आजाद ने कहा कि हालिया उपचुनावों में मीरापुर और रामपुर में अराजकता देखने को मिली थी, जिसका जवाब जनता 2027 में देगी। उन्होंने इवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का विरोध करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
स्थानीय मुद्दों पर बोलते हुए आजाद ने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, छतें टपकती हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, किसानों को गन्ना भुगतान महीनों बाद मिलता है और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। रामू कश्यप के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। अंत में, उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी के बावजूद भाजपा की रैलियों में कुर्सियां खाली रहती हैं, जबकि आजाद समाज पार्टी के कार्यक्रमों में मैदान छोटा पड़ रहा है।
सम्मेलन को संबोधित करते हुए चंद्रशेखर आजाद ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को सीधी चुनौती दी। उन्होंने बताया कि 2022 में गोरखपुर में उन्होंने पार्टी के प्रत्याशी के रूप में योगी के सामने प्रभारी उतारा था। उन्होंने कहा कि बिजनौर जिले में कुल आठ विधानसभा सीटों में से चार पर भाजपा के विधायक हैं। आजाद ने कहा, "मुख्यमंत्री उन चार में से किसी भी एक सीट पर आकर चुनाव लड़ लें, मैं भी उसी सीट पर पार्टी से टिकट मांगकर उनके सामने लड़ूंगा। आजाद समाज पार्टी बिजनौर से उन्हें हराकर भेजेगी।"
प्रदेश सरकार पर पुलिस के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए आजाद ने कहा कि हालिया उपचुनावों में मीरापुर और रामपुर में अराजकता देखने को मिली थी, जिसका जवाब जनता 2027 में देगी। उन्होंने इवीएम (इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन) का विरोध करते हुए बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि वोट चोरी के आरोपों के बीच चुनाव आयोग को नैतिक जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
स्थानीय मुद्दों पर बोलते हुए आजाद ने उल्लेख किया कि उत्तर प्रदेश के अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी है, छतें टपकती हैं, युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है, किसानों को गन्ना भुगतान महीनों बाद मिलता है और बाढ़ पीड़ितों को मुआवजा नहीं मिला है। रामू कश्यप के साथ हुई मारपीट की घटना का जिक्र करते हुए उन्होंने कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। अंत में, उन्होंने कहा कि सरकारी मशीनरी के बावजूद भाजपा की रैलियों में कुर्सियां खाली रहती हैं, जबकि आजाद समाज पार्टी के कार्यक्रमों में मैदान छोटा पड़ रहा है।