📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Harvinder Chandigarh
कृषि
हरियाणा के एफपीओ ने कनाडा को खाद्य निर्यात शुरू किया, किसानों के बाजार विस्तार की राह
✍️ The Economic Times
🗓 03 अक्टू. 2026, 07:01 AM
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हरियाणा के किसान उत्पादक संगठनों ने कनाडा को खाद्य निर्यात शुरू किया, जिससे किसानों को नया विदेशी बाजार मिला।
हरियाणा के किसान उत्पादक संगठनों (एफपीओ) ने खाद्य उत्पादों को कनाडा निर्यात करने की प्रक्रिया शुरू की है, जिससे राज्य के किसानों के लिए एक नया विदेशी बाजार खुल रहा है। यह कदम स्थानीय उत्पादकों को घरेलू बाजारों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी प्रतिस्पर्धा करने का अवसर प्रदान करेगा।
विशेषज्ञों का कहना है कि कनाडा में भारतीय कृषि उत्पादों की मांग और कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं, जिससे किसानों की आय में सुधार की संभावना है। निर्यात की प्रक्रिया में गुणवत्ता प्रमाणन और सामूहिक बातचीत को प्रमुख भूमिका दी गई है।
हरियाणा के कृषि विभाग ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे राज्य के निर्यात पोर्टफोलियो को विविध बनाने तथा कुछ प्रमुख वस्तुओं पर निर्भरता कम करने के रूप में देखा है। सफलतापूर्वक लागू होने पर यह मॉडल अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है।
इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि यह कदम सरकार की किसान संगठनों को सशक्त बनाने और भारतीय कृषि उत्पादों को विश्व बाजार में बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है। निर्यात मानकों को पूरा करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया जा रहा है।
यदि यह पहल स्थायी साबित होती है, तो भविष्य में उत्पाद रेंज का विस्तार और बड़े पैमाने पर निर्यात संभव हो सकता है, जिससे हरियाणा की कृषि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक एकीकृत होगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि कनाडा में भारतीय कृषि उत्पादों की मांग और कीमतें अपेक्षाकृत अधिक हैं, जिससे किसानों की आय में सुधार की संभावना है। निर्यात की प्रक्रिया में गुणवत्ता प्रमाणन और सामूहिक बातचीत को प्रमुख भूमिका दी गई है।
हरियाणा के कृषि विभाग ने इस पहल का स्वागत किया है और इसे राज्य के निर्यात पोर्टफोलियो को विविध बनाने तथा कुछ प्रमुख वस्तुओं पर निर्भरता कम करने के रूप में देखा है। सफलतापूर्वक लागू होने पर यह मॉडल अन्य राज्यों में भी दोहराया जा सकता है।
इकोनॉमिक टाइम्स ने बताया कि यह कदम सरकार की किसान संगठनों को सशक्त बनाने और भारतीय कृषि उत्पादों को विश्व बाजार में बढ़ावा देने की नीति के अनुरूप है। निर्यात मानकों को पूरा करने के लिए निगरानी तंत्र स्थापित किया जा रहा है।
यदि यह पहल स्थायी साबित होती है, तो भविष्य में उत्पाद रेंज का विस्तार और बड़े पैमाने पर निर्यात संभव हो सकता है, जिससे हरियाणा की कृषि वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में और अधिक एकीकृत होगी।