📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Post of India
स्थानीय
हरियाणा के बिजली विभाग ने दो महीने में 2,000 निष्क्रिय खंभे हटाने का समय सीमा अभी नहीं पूरी की
✍️ The Times of India
🗓 17 अक्टू. 2026, 07:31 AM
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हरियाणा के बिजली वितरण कंपनी ने दो महीने में समाप्त होने वाली समय सीमा के बावजूद लगभग 2,000 निष्क्रिय खंभे नहीं हटाए, जिससे सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ी हैं।
हरियाणा के राज्य विद्युत वितरण कंपनी को लगभग 2,000 निष्क्रिय बिजली खंभे हटाने के लिए दो महीने का समय दिया गया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। यह समय सीमा राज्य सरकार ने सार्वजनिक सुरक्षा और बुनियादी ढाँचे के विकास को ध्यान में रखकर निर्धारित की थी।
प्राधिकरणों का कहना है कि ये खामोश खंभे सड़क यातायात में बाधा बनते हैं और दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसलिए सरकार ने वितरण कंपनी को इन संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया था, ताकि ट्रैफिक सुगम हो और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अभी तक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की है और समय सीमा नजदीक आने से स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है, जो इन खंभों को नज़रअंदाज़ नहीं कर पा रहे हैं।
यदि निर्धारित समय में खंभों की सफाई नहीं हुई, तो राज्य सरकार जुर्माना लगाने या स्वयं हटाने का कार्यभार लेने पर विचार कर सकती है, जिससे इस मुद्दे की तात्कालिकता स्पष्ट होती है।
प्राधिकरणों का कहना है कि ये खामोश खंभे सड़क यातायात में बाधा बनते हैं और दुर्घटनाओं के जोखिम को बढ़ाते हैं। इसलिए सरकार ने वितरण कंपनी को इन संरचनाओं को हटाने का निर्देश दिया था, ताकि ट्रैफिक सुगम हो और नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
हालिया रिपोर्ट के अनुसार, कंपनी ने अभी तक विस्तृत कार्य योजना प्रस्तुत नहीं की है और समय सीमा नजदीक आने से स्थानीय निवासियों में असंतोष बढ़ रहा है, जो इन खंभों को नज़रअंदाज़ नहीं कर पा रहे हैं।
यदि निर्धारित समय में खंभों की सफाई नहीं हुई, तो राज्य सरकार जुर्माना लगाने या स्वयं हटाने का कार्यभार लेने पर विचार कर सकती है, जिससे इस मुद्दे की तात्कालिकता स्पष्ट होती है।