📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / UnpetitproleX
शिक्षा
हरियाणा प्लेस्कूल की ‘गुड टच, बैड टच’ वीडियो को 10 मिलियन व्यूज
✍️ India Today
🗓 12 अक्टू. 2026, 05:33 PM
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हरियाणा के एक प्लेस्कूल ने बच्चों को ‘गुड टच‑बैड टच’ समझाने वाला वीडियो ऑनलाइन साझा किया, जिसे अब तक 10 मिलियन बार देखा गया है।
हरियाणा के एक प्लेस्कूल ने बच्चों को ‘गुड टच‑बैड टच’ समझाने के लिए एक शैक्षिक वीडियो जारी किया। इस छोटे पाठ में उचित और अनुचित शारीरिक संपर्क को सरल भाषा और बच्चों के अनुकूल चित्रों के माध्यम से समझाया गया है।
वीडियो को लोकप्रिय वीडियो‑शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करने के बाद यह जल्दी ही वायरल हो गया और दस मिलियन व्यूज़ का आंकड़ा पार कर गया। राज्य भर के अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की, क्योंकि यह प्रारंभिक शैक्षिक पाठ्यक्रम में अक्सर अनदेखा रहने वाले संवेदनशील विषय को उजागर करता है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस सकारात्मक प्रतिक्रिया का स्वागत किया और कहा कि ऐसे संसाधन स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में बाल‑सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने के मौजूदा प्रयासों को सुदृढ़ करते हैं।
प्लेस्कूल आगे भी ऑनलाइन सुरक्षा और भावनात्मक स्वास्थ्य जैसे संबंधित विषयों पर अतिरिक्त मॉड्यूल बनाने की योजना बना रहा है, ताकि बच्चों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक सामग्री संग्रह तैयार किया जा सके।
व्यूज़ की इस तेज़ी से बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि भारत में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक और आयु‑उपयुक्त जानकारी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
वीडियो को लोकप्रिय वीडियो‑शेयरिंग प्लेटफ़ॉर्म पर अपलोड करने के बाद यह जल्दी ही वायरल हो गया और दस मिलियन व्यूज़ का आंकड़ा पार कर गया। राज्य भर के अभिभावकों और शिक्षकों ने इस पहल की सराहना की, क्योंकि यह प्रारंभिक शैक्षिक पाठ्यक्रम में अक्सर अनदेखा रहने वाले संवेदनशील विषय को उजागर करता है।
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने इस सकारात्मक प्रतिक्रिया का स्वागत किया और कहा कि ऐसे संसाधन स्कूलों और सामुदायिक केंद्रों में बाल‑सुरक्षा जागरूकता को बढ़ाने के मौजूदा प्रयासों को सुदृढ़ करते हैं।
प्लेस्कूल आगे भी ऑनलाइन सुरक्षा और भावनात्मक स्वास्थ्य जैसे संबंधित विषयों पर अतिरिक्त मॉड्यूल बनाने की योजना बना रहा है, ताकि बच्चों की सुरक्षा के लिए एक व्यापक सामग्री संग्रह तैयार किया जा सके।
व्यूज़ की इस तेज़ी से बढ़ती संख्या यह दर्शाती है कि भारत में बच्चों की सुरक्षा से जुड़ी व्यावहारिक और आयु‑उपयुक्त जानकारी की मांग में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।