📷 चित्र स्रोत: Wikimedia Commons / Sdkb
कृषि
हरियाणा के जैविक किसान चाहते हैं सरकारी लैब से प्रमाणन
✍️ The Tribune
🗓 21 सित. 2026, 05:46 AM
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हरियाणा के जैविक किसान प्राकृतिक खेती को प्रमाणित करने हेतु सरकारी परीक्षण लैब की मांग कर रहे हैं।
हरियाणा के विभिन्न जिलों में काम करने वाले जैविक किसानों का एक समूह राज्य सरकार से प्राकृतिक खेती के उत्पादों के लिए विशेष परीक्षण लैब स्थापित करने का अनुरोध कर रहा है। किसानों का कहना है कि प्रमाणित लैबों के बिना उनके उत्पादों की जैविकता सिद्ध करना कठिन हो जाता है, जिससे उपभोक्ता भरोसा घटता है।
वर्तमान में किसानों को निजी लैबों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो दूरस्थ और महँगी होती हैं, तथा बाजार में पहुंचने में देरी होती है। सरकारी लैबों की उपलब्धता से लागत कम होगी, प्रमाणन प्रक्रिया तेज़ होगी और मौजूदा जैविक सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाना आसान होगा।
हरियाणा कृषि विभाग ने इस मांग को स्वीकार किया है और बताया कि वह प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है तथा मौजूदा अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग करके आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर विचार कर रहा है।
यदि यह पहल स्वीकृत होती है, तो राज्य की प्राकृतिक खेती की प्रतिष्ठा में इज़ाफ़ा होगा, जिससे उच्च मूल्य वाले खरीदार आकर्षित होंगे और राष्ट्रीय स्तर पर जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी।
वर्तमान में किसानों को निजी लैबों पर निर्भर रहना पड़ता है, जो दूरस्थ और महँगी होती हैं, तथा बाजार में पहुंचने में देरी होती है। सरकारी लैबों की उपलब्धता से लागत कम होगी, प्रमाणन प्रक्रिया तेज़ होगी और मौजूदा जैविक सब्सिडी योजनाओं का लाभ उठाना आसान होगा।
हरियाणा कृषि विभाग ने इस मांग को स्वीकार किया है और बताया कि वह प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है तथा मौजूदा अनुसंधान संस्थानों के साथ सहयोग करके आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार करने पर विचार कर रहा है।
यदि यह पहल स्वीकृत होती है, तो राज्य की प्राकृतिक खेती की प्रतिष्ठा में इज़ाफ़ा होगा, जिससे उच्च मूल्य वाले खरीदार आकर्षित होंगे और राष्ट्रीय स्तर पर जैविक कृषि को बढ़ावा देने के लक्ष्य को साकार करने में मदद मिलेगी।